श्रीनगर मुठभेड़ में सोमवार को मारा गया लश्कर कमांडर सैफुल्ला हाल ही में सुरक्षाबलों पर कई बड़े हमलों को अंजाम दे चुका था। जम्मू-कश्मीर पुलिस के पास मौजूद रिकॉर्ड के अनुसार सैफुल्ला 2020 की शुरुआत में उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के रास्ते से घुसपैठ कर घाटी में दाखिल हुआ था और पिछले करीब दो महीने से वह उत्तरी कश्मीर से दक्षिणी कश्मीर में अपनी पैठ जमा रहा था।
विज्ञापन
2 of 5
एनकाउंटर के दौरान सुरक्षाबल
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस के अनुसार वह सुरक्षाबलों पर कई बड़े हमलों की योजना बनाने के साथ-साथ उन्हें अंजाम देने में भी शामिल था। एक अधिकारी ने बताया कि सैफुल्ला ने 24 सितंबर को बडगाम जिले के चडूरा इलाके में सीआरपीएफ पर हमले को अंजाम दिया था। इसमें एक एएसआई शहीद हो गए थे।
विज्ञापन
3 of 5
एनकाउंटर के दौरान एक घर में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
इसके अलावा पांच अक्तूबर को पांपोर के कंडिजाल इलाके में भी सीआरपीएफ के दो जवानों की हत्या के पीछे भी उसका ही हाथ था। वह 14 अगस्त को नौगाम इलाके में दो पुलिस वालों की हत्या करने वाले समूह का भी हिस्सा था। इसके अलावा उसने 21 सितंबर को नौगाम इलाके में सुरक्षाबलों की कानवाई पर फायरिंग की थी।
4 of 5
जानकारी देते अधिकारी
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर पुलिस का इंटेलिजेंस नेटवर्क बहुत मजबूत: आईजी
जम्मू-कश्मीर पुलिस के आईजी विजय कुमार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस का इंटेलिजेंस नेटवर्क बहुत मजबूत है। विजय कुमार ने कहा कि पिछली बार करीब दो सप्ताह पहले वादा किया था कि जो आतंकी नौगाम अटैक में शामिल हैं, उन्हें जल्द मार गिराया जाएगा और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने ऐसा कर दिखया है। पुलिस इसकी पूरी हरकत को ट्रैक कर रही थी। इसके बाद उन्हें यह सफलता मिली है।
एनकाउंटर के पहले घरों से सुरक्षित निकाले गए स्थानीय लोग
- फोटो : अमर उजाला
बीते सितंबर महीने में और अभी हाल ही में नौगाम में सीआरपीएफ बलों पर हुए आतंकी हमलों में सैफुल्ला शामिल था। मालूम हो कि नौगाम में हुए हमले में दो जवान शहीद हो गए थे। वहीं कल सैफुल्ला के साथ ही एक दूसरा आतंकी भी मारा गया था।