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देश-दुनिया के लिए नजीर बन रहा है लद्दाख, चंडीगढ़ के डॉक्टरों ने कहा- जन सहयोग से काबू में आया कोरोना

Fri, 03 Apr 2020 04:14 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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लद्दाख में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर
लद्दाख में कोरोना संक्रमण की रोकथाम पर सेंट्रल रैपिड रिस्पांस टीम ने अपनी रिपोर्ट उपराज्यपाल आरके माथुर को सौंप दी। टीम में शामिल पीजीआई चंडीगढ़ के डॉक्टरों ने कहा है कि लद्दाख में लोगों के सहयोग और विभागों की सतर्कता से कोरोना पर बहुत हद तक नियंत्रण पा लिया गया है। लेकिन अभी सावधान रहने की जरूरत है।
 
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लद्दाख में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर
टीम सदस्यों ने एहतियात के लिए कई सिफारिशें की हैं। इसका मकसद भविष्य में भी कोरोना संक्रमण की रोकथाम सुनिश्चित करना है। टीम में शामिल डॉक्टरों ने उपराज्यपाल से कहा कि प्रशासन और विभागों ने जिस तरह से लोगों के सहयोग से काम किया है, उससे कोरोना पर काबू पाने में मदद मिली। यही वजह है कि लद्दाख में कोरोना के मामलों पर काफी हद तक अंकुश लग गया है। उल्लेखनीय है कि लद्दाख में तेरह दिन बाद कोरोना पॉजिटिव का एक मामला सामने आया।

 
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गांव के प्रवेश द्वार पर चिपका नोटिस - फोटो : अमर उजाला
बता दें कि कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लद्दाख के कारगिल जिले के लातू गांव के लोगों ने नई पहल की है। ग्रामीणों ने गांव के प्रवेश द्वार पर नोटिस चिपका दिए हैं कि कोई भी बिना हाथ धोए गांव में प्रवेश न करे। इस पहल की प्रशासन ने भी सराहना की है। कारगिल टाउन से करीब 25 किलोमीटर दूर एलओसी के करीब बसे लातू गांव में करीब 45 घर हैं।
 

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गांव के प्रवेश द्वार पर चिपका नोटिस - फोटो : अमर उजाला
हाल ही में कारगिल के जिला उपायुक्त बसीरुल हक चौधरी ने गांव वालों की इस पहल को बाकी गांवों के लिए एक रोल मॉडल बताया था। चौधरी ने ट्वीट में लिखा...लातू गांव रोल मॉडल। इस पहल के साथ कई और गांव भी जुड़ेंगे। यहां कोरोना वायरस से लड़ने के लिए गांव के लोगों ने एक कमेटी गठित की। इसमें फैसला लिया गया कि अगर गांव को कोरोना से बचाना है तो किसी को बिना हाथ धोए अंदर नहीं आने देना है चाहे वह बाहर वाला हो या फिर गांव का ही क्यों ना हो।
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गांव के प्रवेश द्वार पर चिपका नोटिस - फोटो : अमर उजाला
यही नहीं इस फैसले को सुनिश्चित बनाने के लिए गांव के युवा अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी करते हैं। गांव की सीमा शुरू होते ही पत्थरों पर और वहां बनी पानी की टंकी पर इस संबंध में संदेश भी लिखे गए हैं। हाथ धोने के लिए साबुन, सैनिटाइजर आदि सामान भी रख दिया है।
 
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