फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘ऑपरेशन मां’ से बदल रही घाटी की तस्वीर, इस तरह मुख्यधारा में लौट रहे आतंकी बने युवा

Sat, 22 Feb 2020 11:23 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 5
operation maa of Indian army - फोटो : अमर उजाला जम्मू, ग्राफिक्स
आतंकवाद के रास्ते पर जाने वाले युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए सेना की ओर से शुरू किया गया ‘ऑपरेशन मां’ सफल हो रहा है। इस ऑपरेशन को शुरू करने वाले 15वीं कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल केजेएस ढिल्लों ने बताया कि कई युवा आतंकियों और कट्टरपंथियों के बहकावे में आकर आतंक का रास्ता अपना लेते हैं। ऐसे युवाओं को मुख्यधारा में लाने के लिए ‘ऑपरेशन मां‘’को काफी सफलता मिली है। इसके तहत आतंकी बन चुके युवाओं को समझाने-बुझाने के लिए उनकी मां या परिवार के सदस्यों को मौका दिया जाता है।

 
Trending Videos
विज्ञापन

2 of 5
भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि मुठभेड़ के दौरान जब स्थानीय आतंकवादी पूरी तरह घिर जाते हैं तो उनकी मां या परिवार के अन्य बड़े सदस्यों या समुदाय के प्रभावी लोगों को उनसे बात करने का अवसर दिया जाता है। इस दौरान वे युवकों को आतंक का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन में लौटने के लिए समझाते हैं। मुठभेड़ को बीच में रोक दिया जाता है।
विज्ञापन

3 of 5
भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि सुरक्षा एजेंसियों द्वारा हाल ही में तैयार की गई रिपोर्ट के अनुसार अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद पिछले छह महीने में हर माह औसतन पांच युवा ही आतंकवादी समूहों में शामिल हुए हैं। जबकि 5 अगस्त से पहले हर महीने करीब 14 युवा आतंकवादी समूहों का हाथ थाम लेते थे।

 

4 of 5
भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि आतंकियों के खिलाफ अभियान में भी तेजी लाई गई है। 64 प्रतिशत आतंकियों को उनके संगठन में शामिल होने के एक साल के भीतर खत्म कर दिया गया। स्थानीय युवकों की भर्ती आधी से भी कम रह गई है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
भारतीय सेना - फोटो : अमर उजाला
आतंकवादियों के जनाजे में भारी भीड़ जुटना भी अब बीते दिनों की बात हो गई है। कई बार तो 10 हजार तक लोग जुटते थे। अब जनाजे में मुट्ठी भर करीबी रिश्तेदार ही नजर आते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें