विधानसभा में 114 सीटें होंगी। इनमें 24 सीटें पीओके के लिए रिक्त रखी जाएंगी। शेष 90 सीटों पर चुनाव होंगे। पहले पीओके की 24 सीटों समेत 111 सदस्यीय विधानसभा थी। 87 सीटों पर चुनाव होते थे। इनमें से चार सीटें लद्दाख की थीं। अब चार सीटें हटने के बाद 83 सीटें रह जाएंगी। सात सीटों का बढ़ोत्तरी का प्रावधान किया गया है। यानी कुल 90 सीटों पर चुनाव होंगे।
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नहीं होगा जंबो मंत्रिमंडल
नई विधानसभा में जंबो मंत्रिमंडल नहीं होगा। विधानसभा में निर्वाचित होने वाले विधायकों की संख्या के दस फीसदी सदस्य ही मंत्री बन सकेंगे। महबूबा सरकार में कुल 26 मंत्री थे। इस प्रकार मंत्रियों पर होने वाले भारी भरकम खर्च का बोझ घटेगा।
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एक हाईकोर्ट होगा
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख केंद्र शासित प्रदेश के लिए एक ही हाईकोर्ट होगा। इसके साथ ही एडवोकेट जनरल की अलग से नियुक्ति होगी।
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वाहनों के परमिट रहेंगे मान्य
- फोटो : अमर उजाला
वाहनों के परमिट इसकी समाप्त होने की अवधि तक मान्य रहेंगे। इसके लिए अलग से आरटीओ को परमिट पर हस्ताक्षर करने की जरूरत नहीं होगी।
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106 केंद्रीय कानून जम्मू-कश्मीर में लागू हो जाएंगे
केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ ही 106 केंद्रीय कानून जम्मू-कश्मीर में लागू हो जाएंगे। आनंद मैरिज एक्ट, एडमिनिस्ट्रेटिव एक्ट, चिटफंड एक्ट इनमें प्रमुख होंगे।
केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद लोगों के जेहन में कुछ सवाल भी हैं। मसलन दरबार मूव की परंपरा कायम रहेगी या फिर इस परंपरा का क्या होगा। लेफ्टिनेंट गवर्नर कार्यालय का मुख्यालय कहां होगा-जम्मू या श्रीनगर। लोग इन आशंकाओं को लेकर चर्चा कर रहे हैं।