ग्राउंड रिपोर्ट...
वाल्मीकि कॉलोनी गांधीनगर...प्रसन्नचित मुद्रा में खड़े लोग। चेहरों पर खुशी झलक रही थी। पूछने पर बताया कि जब से मोदी सरकार ने अनुच्छेद 370 और 35-ए को हटाया है तब से पूरी कॉलोनी में पर्व जैसा माहौल है। शास्त्रीनगर, गांधीनगर, संजय नगर में दुकानें खुली हुई हैं। सड़कों पर भीड़, यात्री वाहन भी चलते रहे। कहीं से भी नाराजगी का कोई स्वर नहीं उठा।
विज्ञापन
2 of 7
कुछ ऐसे हैं जम्मू के हालात
- फोटो : अमर उजाला
स्थानीय निवासी सन्नी ने कहा कि सात दशक से वाल्मीकि समुदाय के लोग राज्य में नागरिकता की मांग कर रहे थे। अनुच्छेद 370 हटाने की पुरजोर मांग की जा रही थी, लेकिन पूर्ववर्ती सरकारें अनसुना कर देती थीं। मोदी सरकार ने नामुमकिन को मुमकिन कर दिखाया है।
विज्ञापन
3 of 7
कुछ ऐसे हैं जम्मू के हालात
- फोटो : अमर उजाला
चरणजीत ने कहा कि वाल्मीकि समुदाय के लोग जो चाहते थे वह मोदी सरकार ने पूरा किया है। अभि और बख्शीश चंद ने कहा कि अब संपत्ति का अधिकार और यहां पर नागरिक के रूप में सब अधिकार प्राप्त होंगे।
4 of 7
कुछ ऐसे हैं घाटी के हालात
संजय नगर के दुकानदार पवन कुमार ने कहा कि जम्मू के लोग मोदी सरकार के फैसले से खुश हैं। अनुच्छेद 370 और 35-ए की वजह से कश्मीर में आतंकवाद और अलगाववाद फलता फूलता रहा। अब यह अनुच्छेद हटने के बाद शांति बहाली आएगी।
विज्ञापन
5 of 7
जम्मू के हालात
संजय नगर की रीतिका शर्मा ने कहा कि जम्मू के लोग मोदी सरकार के फैसले से खुश हैं। अनुच्छेद 370 हटने से डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना साकार हुआ है। पूरा देश अब एक माला में बना दिख रहा है। हालांकि जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाए जाने के बजाय अगर जम्मू संभाग को राज्य का दर्जा मिलता तो बेहतर रहता।
विज्ञापन
6 of 7
जम्मू के हालात
- फोटो : अमर उजाला
संजय नगर के ही कस्तूरी लाल शर्मा का कहना है कि मोदी सरकार ने देशहित में वह कर दिखाया, जिसकी लोगों को उम्मीद नहीं थी। मोदी हैं तो मुमकिन है। आतंकवाद और अलगाववाद को कुचलने के लिए और कोई विकल्प नहीं था।
शास्त्री नगर के शिंदु बाजवा के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की जितनी तारीफ की जाए कम है। अनुच्छेद 370 को हटाने पर कश्मीरी नेताओं की धमकियों का अंत हो गया और जम्मू कश्मीर के लिए एक नए युग की शुरुआत हुई है। पूरी उम्मीद है कि अब शांति व खुशहाली का नया दौर शुरू होगा।