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जम्मू-कश्मीरः राहुल गांधी को नसीहत और खुद के जेल जाने के बारे में ऐसा बोले थे राज्यपाल मलिक

Sat, 26 Oct 2019 10:32 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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अमित शाह और सत्यपाल मलिक (फाइल फोटो)
जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक अपने कई बयानों से राज्य के साथ ही देश भर में चर्चा में बने रहे। बेबाक शैली और निर्णयों के लिए उनका कार्यकाल हरदम याद किया जाएगा। अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद शुरू हुई सियासी बयानबाजी के बीच कई बार मलिक ने नेताओं को जबरदस्त फटकार भी लगाई।

पढ़िए राज्यपाल मलिक के बड़े और अहम बयान
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक, फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती सहित नजरबंद किए गए अन्य नेताओं पर राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने तंज कसते हुए कहा था कि क्या आप नहीं चाहते हैं लोग नेता बनें। मैं 30 बार जेल गया हूं। जो लोग जेल जाते हैं, वे नेता बनते हैं। उन्हें वहां रहने दें। जितना ज्यादा वक्त वे जेल में बिताएंगे, चुनाव प्रचार के समय उतना ही वे दावे कर पाएंगे। मैंने छह महीने जेल में गुजारे हैं।
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक, फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
इसी मामले पर मलिक ने कहा, इसलिए अगर आपको उनसे हमदर्दी है, तो उन्हें हिरासत में लेने से दुखी नहीं हों। वे सभी अपने घरों में हैं। मैं आपातकाल के दौरान फतेहगढ़ जेल में था जहां पहुंचने में दो दिन लगते थे। अगर किसी मुद्दे पर किसी को हिरासत में लिया जाता है और उसकी मर्जी है तो वह राजनीतिक लाभ लेगा।’’ फारूक अब्दुल्ला अपने घर में हैं, जबकि उनके बेटे उमर हरि निवास में हैं। वहीं महबूबा मुफ्ती को चश्मेशाही में रखा गया है।

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राज्यपाल सत्यपाल मलिक, फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
राज्य को विशेष दर्जा प्रदान करने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधानों को हटाने के बाद मुख्यधारा के सियासतदानों को नजरबंद रखने को राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने यह कहते हुए न्यायोचित ठहराया था कि जितना ज्यादा वक्त वे जेल में रहेंगे उन्हें इसका उतना ही राजनीतिक फायदा मिलेगा।
 
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक, राहुल गांधी - फोटो : फाइल, अमर उजाला
अनुच्छेद 370 हटाने जाने के बाद राहुल गांधी द्वारा दिए गए बयान के बाद मलिक ने कहा कि राहुल गांधी को अपने एक नेता के व्यवहार के बारे में शर्मिंदा होना चाहिए जो संसद में मूर्खों का तरह बात कर रहे थे। मैंने राहुल गांधी को यहां आने के लिए आमंत्रित किया है। मैं उन्हें एक विमान भेजूंगा, आप स्थिति का जायजा लें और फिर बोलें। आप एक जिम्मेदार व्यक्ति हैं और आपको इस तरह से नहीं बोलना चाहिए। 
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक, फाइल फोटो - फोटो : बासित जरगर
मालूम हो कि राहुल गांधी ने कहा था कि जम्मू-कश्मीर से वहां की हिंसा के बारे में कुछ रिपोर्टें आई थीं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मामले पर पारदर्शी तरीके से चिंता व्यक्त करनी चाहिए। 
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जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक - फोटो : अमर उजाला
राज्यपाल ने कहा कि जम्मू और कश्मीर में अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को खत्म करने में कोई सांप्रदायिक कोण नहीं था। बल्कि 370 व 35ए का खात्मा सभी के लिए था। 

 

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राज्यपाल सत्यपाल मलिक, फाइल फोटो - फोटो : बासित जरगर
विदेशी मीडिया को चेतावनी
मलिक ने कहा कि इस मुद्दे पर विदेशी प्रेस ने गलत रिपोर्टिंग का प्रयास किया और हमने उन्हें चेतावनी दी है। आपके लिए सभी अस्पताल खुले हैं और अगर एक भी व्यक्ति गोली से मारा गया है, तो इसे साबित करें। कुछ युवाओं द्वारा हिंसा किए जाने के एक मामले में चार लोगों के पैर में छर्रे लगे हैं और किसी को कोई गंभीर चोट नहीं लगी है।
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राज्यपाल सत्यपाल मलिक, फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
कश्मीर को एक कंसन्ट्रेशन कैंप (एकाग्रता शिविर) में बदल देने के आरोप का जवाब देते हुए राज्यपाल ने कहा कि पढ़े लिखे होने के बावजूद लोग इन कंसन्ट्रेशन के बारे में नहीं जानते हैं। मुझे पता है ये क्या है?  मैं 30 बार जेल जा चुका हूं। इसके बावजूद मैं घाटी की कार्रवाई को एकाग्रता शिविर नहीं कहूंगा। कांग्रेस ने आपातकाल के दौरान डेढ़ साल तक लोगों को कैद रखा, लेकिन किसी ने उसे कंसन्ट्रेशन नहीं बताया। उन्होंने पूछा क्या एहतियाती कार्रवाई कंसन्ट्रेशन कैंप के बराबर है? 
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