प्रदेश की शीतकालीन राजधानी जम्मू से अगले महीने अप्रैल में सरकार के दरबार का रिकॉर्ड और दस्तावेज आदि डिजिटल प्रारूप में ही श्रीनगर स्थानांतरित होंगे। पहली बार पेपर लैस दरबार मूव से प्रदेश सरकार के खजाने में करीब पचास करोड़ की बचत होगी। इसके अलावा ट्रकों व बसों में लोडिंग व अनलोडिंग में रिकार्ड के क्षतिग्रस्त होने की संभावना भी नहीं रहेगी।
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- फोटो : Amar Ujala
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार 1872 से चल रही जम्मू-कश्मीर में दरबार मूव की परंपरा की कड़ी में पहली बार पेपर लैस दरबार मूव अप्रैल 2021 में होगा। इसके लिए नागरिक सचिवालय परिसर के प्रशासनिक विभागों में रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया अंतिम चरण में है।
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- फोटो : PTI
वहीं नागरिक सचिवालय के बाहर के करीब 43 विभागों में भी डिजिटलीकरण की प्रक्रिया तेजी से चल रही है और दरबार मूव होने से पहले इससे पूरा कर लिया जाएगा।
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- फोटो : Amar Ujala
दरबार का मूल मैन्युल रिकॉर्ड जम्मू में ही रहेगा। पहली बार पेपर लैस दरबार मूव के लिए उपराज्यपाल मनोज सिन्हा भी खास दिलचस्पी ले रहे हैं। दरबार मूव के रिकार्ड को डिजिटल प्रारूप देने का काम अंतिम चरण में है। पेपर लैस दरबार मूव जम्मू से श्रीनगर में इस बार होगा। -मनोज कुमार द्विवेदी, प्रशासनिक सचिव सामान्य प्रशासनिक विभाग जम्मू कश्मीर
दरबार मूव के कर्मचारियों को लेकर जती बस
- फोटो : Amar Ujala
अधिकारियों को मिलेगा डिजिटलीकरण कार्य का प्रशिक्षण
नागरिक सचिवालय के अंडर सेक्रेटरी और उप सचिव स्तर के अधिकारियों को 31 मार्च से 12 अप्रैल तक मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय जम्मू में ई-आफिस में काम करने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। नागरकि सचिवालय परिसर में काम कर रहे सभी 37 प्रशासनिक विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण देने का शेड्यूल भी सरकार ने जारी कर दिया है।