देश की राजधानी दिल्ली को माता वैष्णो देवी के आधार शिविर कटड़ा से जोड़ने वाली महत्वाकांक्षी दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे परियोजना के दो हिस्सों कीड़ियां गंडियाल से सक्ताचक और सक्ताचक से सांबा सेक्शन के लिए निविदा (टेंडर) की प्रक्रिया इसी माह शुरू होगी। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) 15 अप्रैल से इसके लिए टेंडर करवाने की तैयारी में है। जम्मू-कश्मीर में दाखिल होने पर 432.3 किलोमीटर मार्क से 588.5 किलोमीटर तक एक्सप्रेस-वे का विस्तारीकरण होने वाला है। कठुआ जिले में 43.4 किलोमीटर, सांबा जिले में लगभग 25 किलोमीटर, जम्मू जिले में 72 किलोमीटर, रियासी जिले में 16.5 किलोमीटर तक यह एक्सप्रेस-वे लंबा होगा। पहले चरण में 55 किलोमीटर के लिए करवाए जा रहे टेंडर में कीड़ियां गंडियाल से सक्ताचक और सक्ताचक से सांबा तक एक्सप्रेस वे की टेंडरिंग की जाएगी। इसमें कीड़ियां गंडियाल से 32 किलोमीटर सक्ताचक और 23 किलोमीटर इससे आगे का हिस्सा शामिल होगा। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार एक्सप्रेस-वे के लिए एनएचएआई की ओर से तैयार एस्टिमेट के आधार पर न्यूनतम बोली तैयार की जाएगी। टेंडरिंग प्रक्रिया के कुछ महीनों बाद ही यानी इसी साल के अंत तक एक्सप्रेस-वे का काम शुरू होने की उम्मीद है।
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- फोटो : istock
हर 20 किलोमीटर पर बनेगी क्रॉसिंग
दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे के हर 20 किलोमीटर पर एक क्रॉसिंग जंक्शन बनेगा। इन्हीं जंक्शन पर स्थानीय सड़कें एक्सप्रेस वे से जुड़ सकेंगी। जम्मू-कश्मीर में दाखिल होते ही पहले स्टेशन कीड़ियां गंडियाल में फूड जंक्शन बनेगा। वहीं, राजबाग, छन्न अरोड़ियां और चड़वाल चौक एक्सप्रेस-वे की जद में आएंगे। यहां हाईवे फ्लाईओवर अथवा वर्तमान हाईवे का विस्तारीकरण कर अलग-अलग लेन तैयार करने की योजना पर काम हो रहा है।
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mata vaishno devi katra jammu-kashmir
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279 गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेस वे
जम्मू-कश्मीर में एक्सप्रेस-वे 279 गांवों से होकर गुजरेगा। कठुआ जिले में 43.4 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे में क्रॉसिंग के लिए दो जंक्शन तैयार किए जाएंगे। परियोजना से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि पहला जंक्शन कीड़ियां गंडियाल पुल के नजदीक, दूसरा सक्ताचक और तीसरा सांबा के महेश्वर के आसपास होगा। सक्ताचक से चड़वाल तक मौजूदा हाईवे का विस्तारीकरण प्रस्तावित है, जबकि दयालाचक से हीरानगर एक्सप्रेस-वे को सीधा रखने के लिए नहर किनारे वाले क्षेत्र को चिह्नित किया गया है। ब्राउन (निर्मित ढांचों वाला क्षेत्र) और ग्रीन (ज्यादातर खेत) फील्ड में होकर गुजरने वाले इस एक्सप्रेस-वे की जद में राजबाग, छन्न अरोड़ियां समेत चड़वाल के बाजार भी आएंगे।
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हाईवे जम्मू
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पांच से 20 फीट ऊंचाई होगी एक्सप्रेस-वे की
प्रदेश में एक्सप्रेस-वे की सड़क भूमि की वर्तमान सतह से पांच से 20 फीट ऊंची होगी। ग्रीन फील्ड वाले इलाके जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे के निचले इलाके हैं, जहां एक्सप्रेस-वे की सतह से ऊंचाई लगभग 20 फीट होगी। इसी तरह से ब्राउन फील्ड वाले इलाकों में एक्सप्रेस-वे पांच से दस फीट की ऊंचाई से गुजरेगा। एक्सप्रेस-वे की दोनों तरफ ऊंची दीवार होगी।
15 अप्रैल तक प्रदेश के लगभग 55 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेस वे को लेकर टेंडर करवाने की तैयारी की जा रही है। संबंधित जिला प्रशासन के साथ बैठक की जा रही है ताकि जमीन अधिग्रहण, मुआवजा वितरण से जुड़ी कार्रवाई तेज की जा सके। -अजय कुमार रजक, परियोजना निदेशक, एनएचएआई, जम्मू
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह
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ढाई साल के भीतर दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस-वे का काम पूरा कर लिया जाएगा। दिल्ली से पठानकोट जिले तक जहां यह एक्सप्रेस वे बिल्कुल नए सिरे से होगा वहीं प्रदेश में हाईवे का कई जगह विस्तार करते हुए यह छह लेन की सड़क परियोजना होगी। इससे दिल्ली से कटड़ा तक का सफर सुगम होगा। प्रदेश में पर्यटन व्यवसाय को भी बढ़ावा मिलेगा। -डॉ. जितेंद्र सिंह, केंद्रीय राज्य मंत्री