देश भर में कोरोना की दूसरी लहर से जम्मू-कश्मीर के पर्यटन सीजन पर फिर कोरोना के बादल मंडरा रहे हैं। नए साल की शुरुआत के साथ जम्मू-कश्मीर में पर्यटन को पटरी पर लाने के लिए विभिन्न राज्यों में रोड शो सहित अन्य गतिविधियां की गईं। साल के पहले तीन माह में पर्यटकों ने रुझान भी दिखाया। लेकिन संक्रमण के प्रसार में दोबारा जबरदस्त उछाल से पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों के चेहरों पर चिंता बढ़ गई है। इससे धार्मिक और खेल पर्यटन भी प्रभावित होगा। प्रदेश में पहले ही निकट संपर्क वाले खेल गतिविधियों पर पाबंदी लगा दी गई है।
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वैष्णो देवी
पर्यटन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक इस साल पहले तीन माह में मार्च तक वैष्णो देवी के दरबार में 12 लाख 61 हजार 787 यात्री पहुंचे। इसमें जनवरी में 4 लाख 8 आठ 81, फरवरी में 3 लाख 89 हजार 549 और मार्च में 4 लाख 64 हजार 156 यात्री पहुंचे। लेकिन अप्रैल में कोविड संक्रमण के तेजी से हो रहे प्रसार ने यात्रियों के कदम रोके हैं। देश के विभिन्न हिस्सों में नाइट कर्फ्यू और दूसरी पाबंदियां लागू कर दी गई हैं। जम्मू-कश्मीर में देश के विभिन्न हिस्सों से आ रहे बड़ी संख्या में यात्री भी संक्रमित मिल रहे हैं।
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पत्नीटाप का मैदान
- फोटो : अमर उजाला
जम्मू संभाग के दूसरे बड़े धार्मिक स्थल शिव खोड़ी में इस साल के पहले तीन माह में 4 लाख 46 हजार 135, पटनीटॉप में 60 हजार 734, मानसर में 1 लाख 16 हजार 900, जियारत शादरा शरीफ में 3 लाख 50 हजार 538 यात्री पहुंचे हैं। जम्मू संभाग के ऐसे 15 स्थलों पर पिछले तीन माह में 25 लाख 28 हजार 608 यात्री और अन्य लोग पहुंचे हैं।
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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस
- फोटो : बासित जरगर
पर्यटकों को लुभाने के लिए एडवेंचर सहित अन्य कई गतिविधियों को गति देने की योजना थी, लेकिन कोविड की दूसरी लहर दोबारा पर्यटकों को रोकने का काम कर रही है। इससे जम्मू-कश्मीर की अर्थ व्यवस्था दोबारा प्रभावित हो सकती है। पर्यटन निदेशक जम्मू नसीम जावेद चौधरी ने कहा कि पर्यटन गतिविधियों को गति देने की कोशिश की जा रही है। लेकिन इसके साथ बढ़ते संक्रमित मामलों की भी निगरानी की जा रही है। उसी के मुताबिक अगली योजनाओं को अमल में लाया जाएगा।
बैसाखी गतिविधियां रद्द
कोविड के बढ़ते मामलों को देखते हुए बैसाखी भीड़भाड़ वाली गतिविधियों को रद्द कर दिया गया है। पर्यटन विभाग जम्मू की ओर से ऐसे कार्यक्रमों को रद्द किया गया है। जिला प्रशासन की ओर से मेले जैसे आयोजनों को पहले ही अनुमति रद्द की गई है। एडीसी प्रशासन सतीश शर्मा का कहना है कि कोविड को देखते हुए भीड़भाड़ वाली गतिविधियों की इजाजत नहीं दी जा रही है। इनमें कोविड प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करवाया जा रहा है।