कश्मीर घाटी में पिछले कई दिनों से जारी बर्फबारी का सिलसिला फिलहाल थम गया है। बर्फबारी थमने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली। वहीं मौसम गुलजार होने से पर्यटक भी काफी खुश नजर आ रहे हैं।
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बर्फबारी
- फोटो : बासित जरगर
हालांकि पर्यटकों को ताजा बर्फबारी न देख पाने का थोड़ा सा मलाल भी है। लेकिन हर मौसम और हर सुबह अपनी खूबसूरत के लिए जाना जाने वाला कश्मीर इन दिनों लोगों को अपनी ओर लुभा रहा है।
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उधर, मंदिरों के शहर जम्मू में सोमवार की सुबह सीजन में पहली बार छाए कोहरे ने कड़ाके की ठंड का अहसास करा दिया। दिन की शुरुआत कोहरे से प्रभावित हुई।
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आगामी दिनों में भी शहर व आसपास के इलाकों में कोहरा दुश्वारियां बढ़ा सकता है। वहीं, मौसम साफ रहने के बावजूद संभाग के अधिकतर हिस्सों में दिन और रात के तापमान में गिरावट जारी है।
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- फोटो : बासित जरगर
बता दें कि जम्मू-कश्मीर का एक बड़ा हिस्सा पहाड़ी क्षेत्र है। हर साल बर्फबारी व अधिक ठंड के कारण बड़ी संख्या में लोग फ्रॉस्ट बाइट(शीतदंश) का शिकार हो जाते हैं।
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- फोटो : बासित जरगर
वहीं, निचले मैदानी इलाकों में कोहरे की मार से मरीज प्रभावित होते हैं। एसएमजीएस अस्पताल में त्वचा यूनिट के एचओडी डॉ. देवराज डोगरा के अनुसार कोहरे से शरीर के खुले हिस्सों नाक, कान, हाथों और पैरों की उंगलियां को नुकसान होने की आशंका ज्यादा रहती है।
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तापमान ज्यादा गिरने से ऐसे हिस्सों में ठंड के कारण खून की सप्लाई पूरी तरह से नहीं हो पाती है।
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इसके ऐसे हिस्सों में सूजन के साथ खारिश बढ़ती है। जिससे जख्म बन जाने अन्य हिस्सों को बचाने के लिए उस हिस्से को ज्यादा खराब होने पर काटना पड़ता है।
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फ्रॉस्ट बाइट(शीतदंश) का प्रकोप ज्यादातर पहाड़ी इलाकों में रहता है।