फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जम्मू-कश्मीर की वो जगह जहां दफन हैं जहांगीर की आंतें, जबकि बाकी शरीर लाहौर में दफनाया गया

Sun, 09 Aug 2020 02:26 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 5
राजोरी के चिंगस में दफन हैं जहांगीर की आंतें - फोटो : सोशल मीडिया
जम्मू-कश्मीर के इतिहास के पन्नों पर नजर डालें तो कई ऐसे रहस्य मिलते हैं जिनके बारे में लोग शायद अनजान ही रहे हैं। यहां की धरोहरों को वो पहचान नहीं मिल पाई है, शायद जो मिलनी चाहिए थी। ऐसा ही एक स्थान है राजोरी का चिंगस। चिंगस वह स्थान है जहां अकबर के पुत्र और मुगल शासक जहांगीर उर्फ सलीम की आंतों को दफन किया गया था। जहांगीर की आंतों को चिंगस में दफन करने के पीछे एक वजह थी।

अगली स्लाइड में जानिए आखिर क्यों चिंगस में जहांगीर की आंतों को दफन किया गया जबकि बाकी शरीर लाहौर में दफनाया गया...

 
विज्ञापन

2 of 5
राजोरी के चिंगस में दफन हैं जहांगीर की आंतें - फोटो : सोशल मीडिया
मुगल शासक जहांगीर पहले ऐसे शख्स थे, जिनकी दो देशों में कब्र हैं। उनकी आंतें हिंदुस्तान में दफन हैं तो शरीर का बाकी हिस्सा पाकिस्तान में। राजोरी के चिंगस फोर्ट में जहांगीर की मजार है। यहां उनकी आंतों को दफन किया गया था, जबकि बाकी शरीर पाकिस्तान में लाहौर शहर के शहादरा में दफन किया गया। वहां भी उनकी मजार बनी हुई है।

 
विज्ञापन

3 of 5
राजोरी के चिंगस में दफन हैं जहांगीर की आंतें - फोटो : सोशल मीडिया
चिंग पर्शियन भाषा का शब्द है, जिसका मतलब अंतड़ियां होता है। इस वजह से राजोरी के इस स्थान को चिंगस नाम दिया गया। चिंगस फोर्ट में जहांगीर की आंतें दफन होने का जिक्र ‘तुजुके जहांगीर’ नामक पुस्तक में मिलता है। फारसी भाषा में लिखी यह किताब फिलहाल जम्मू की रणवीर लाइब्रेरी में सुरक्षित है। राजोरी के राजा रहे मिर्जा जफरउल्लाह द्वारा जहांगीर पर लिखित एक अन्य किताब ‘राजगान-ए-राजोर’ में भी इस बात का जिक्र किया गया है।

 

4 of 5
राजोरी के चिंगस में दफन हैं जहांगीर की आंतें - फोटो : सोशल मीडिया
जानकार बताते हैं कि चिंगस सराय मुगल शासकों द्वारा इस्तेमाल किया जाता था। पाकिस्तान से कश्मीर आते-जाते वक्त यह रुकने का स्थान था। अपनी फौज सहित जहांगीर गर्मियों में कश्मीर आ जाते थे। वर्ष 1627 में कश्मीर से लौटते वक्त उनकी चिंगस में मृत्यु हो गई। इसकी सूचना उनकी पत्नी नूरजहां को दी गई।

 
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
राजोरी के चिंगस में दफन हैं जहांगीर की आंतें - फोटो : सोशल मीडिया
इस पर उन्होंने अपने सलाहकारों को आदेश दिया कि मौत की खबर को गुप्त रखा जाए। साथ ही कहा कि उनकी आंतों को निकालकर वहीं दफन कर दें और बाकी शरीर पाकिस्तान के शहादरा लाहौर लाने को कहा। बताया जाता है कि ऐसा इसलिए किया गया ताकि शव लाहौर पहुंचने तक खराब न हो जाए। साथ ही मौत का कारण किसी को पता न चले।

 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें