पहाड़ी इलाकों में हिमपात
- फोटो : बासित जरगर
सलाल में एक, उड़ी में दो, किशन गंगा में एक, दुलहस्ती में दो, लेह में दो बड़े बिजली प्रोजेक्ट काम कर रहे हैं। अतिरिक्त बिजली को दूसरे प्रदेशों में बेचा जाता है। जबकि राज्य के आठ प्रोजेक्टों से भी बिजली पूरी की जाती है। कुल मिलाकर प्रदेश में 3300 मेगावाट बिजली तैयार होती है। इसमें 2300 से 2400 मेगावाट बिजली की खपत प्रदेश में होती है। 1000 मेगावाट बिजली बेची जाती है। इसके एवज में केंद्र और राज्य सरकार को आय होती है।