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जम्मू-कश्मीर: कोरोना से ठीक होने वालों को मानसिक परेशानी, मधुमेह के साथ गिर रहे बाल

Wed, 14 Jul 2021 09:28 PM IST
करिश्मा चिब न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जीएमसी जम्मू - फोटो : अमर उजाला

कोरोना की मार झेल रहे लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। इस वायरस से रिकवर होने के दो से तीन माह अब उन्हें अन्य कई बीमारियों ने जकड़ लिया है। प्रदेश में तेजी से मधुमेह के नए मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। कोरोना से ठीक होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों में बाल गिरने की भी समस्या हो रही है। मानसिक समस्याओं में इजाफा हुआ है। वहीं, कोरोना की तीसरी लहर की आशंका ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। जीएमसी के मेडिसिन विभाग के पूर्व एचओडी व मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि कोरोना से रिकवर होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों में मधुमेह की शिकायत हो रही है। इनमें अधिकांश मामले ऐसे हैं, जिन्हें पता ही नहीं था कि वे मधुमेह से पीड़ित हैं और कोरोना में टेस्ट के दौरान उन्हें यह पता चला। इसके अलावा कोरोना के दौरान स्टेरॉयड दवाएं लेने से भी लोग मधुमेह से ग्रस्त हुए हैं। ऐसा भी देखा जा रहा है कि कोरोना वायरस से मधुमेह बढ़ा है। कोरोना के दौरान अधिक तनाव और शारीरिक रूप से कमजोर होने से भी मधुमेह हो सकता है। इनमें कई मरीजों को कोरोना के दौरान पहली बार उच्च मधुमेह की शिकायत हुई, जिन्हें सामान्य होने में लंबा समय लग रहा है। पहली बार मधुमेह से रिपोर्ट होने वाले मामलों में अधिकांश 40 से ऊपर आयु वर्ग के लोग हैं। 15 से 20 लोग बाल गिरने की समस्या लेकर पहुंच रहे।

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एसएमजीएस अस्पताल - फोटो : अमर उजाला
एसएमजीएस अस्पताल के डर्माटोलाजी (त्वचा) विभाग के एचओडी डॉ. देवराज ने बताया कि अस्पताल में सामान्य ओपीडी में प्रतिदिन 15-20 लोग अपने बाल गिरने की समस्या लेकर पहुंच रहे हैं। इन लोगों में कोरोना से रिकवर होने के 2-3 माह बाद ऐसी समस्या आई है। हालांकि बुखार, तनाव, शरीर में खून का नुकसान, टाईफायड आदि शारीरिक समस्याओं के बाद बाल झड़ना सामान्य प्रक्रिया है।
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जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : अमर उजाला
लेकिन कोविड के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की शारीरिक क्षमता कमजोर हुई है, जिससे उनके बाल गिरने की समस्या आ रही है। इसमें 30 से अधिक आयु वर्ग के लोग अधिक ग्रस्त हैं। कोरोना के तीन माह के बाद बाल गिरने की समस्या आ रही है और चिकित्सा लेने के 6 माह या एक साल तक बाल वापस आते हैं। शारीरिक कमजोरी के कारण बाल का गिरना और दोबारा आने में लंबा समय लग जाता है। कोरोना के बाद बाल चरा की भी लोगों को समस्या हो रही है।

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जम्मू साइक्रेटरी अस्पताल - फोटो : सोशल मीडिया
जीएमसी के माइक्रोबायोलाजी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. संदीप डोगरा ने बताया कि कोरोना के ठीक होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों में शरीर में नियमित थकावट रहना, सांस लेने में दिक्कत होना, हृदय बीमारियों का दोबारा पनपना, आंतड़ियों और पेट संबंधी समस्याएं, तनाव, उलझन में रहना आदि लक्षण मिल रहे हैं। 90 फीसदी रिकवर हुए लोग खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह से स्वस्थ मानकर तेजी से अपनी दिनचर्या को बहाल करने लगते हैं जो गलत है। ये गैर जिम्मेदाराना व्यवहार उनकी सेहत बिगाड़ रहा है।
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मधुमेह - फोटो : social media
ऐसे करें बचाव
-कोरोना से रिकवर होने के बाद संतुलित आहार लें
-मधुमेह से बचाव को अधिक मीठे पदार्थों का सेवन करने से बचें
-तले हुए पदार्थों का सेवन करने से परहेज करें
-अपनी दिनचर्या में व्यायाम, योग, सैर को शामिल करें
-शरीर में थकावट सहित अन्य लक्षण बढ़ने पर तुरंत डाक्टरी परामर्श लें
-बालों को गिरने से बचाने के लिए प्रोटीन युक्त नारियल या अन्य तेल नियमित रूप से लगाएं

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