कोरोना की मार झेल रहे लोगों की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। इस वायरस से रिकवर होने के दो से तीन माह अब उन्हें अन्य कई बीमारियों ने जकड़ लिया है। प्रदेश में तेजी से मधुमेह के नए मामले रिपोर्ट हो रहे हैं। कोरोना से ठीक होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों में बाल गिरने की भी समस्या हो रही है। मानसिक समस्याओं में इजाफा हुआ है। वहीं, कोरोना की तीसरी लहर की आशंका ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। जीएमसी के मेडिसिन विभाग के पूर्व एचओडी व मधुमेह विशेषज्ञ डॉ. अनिल शर्मा ने बताया कि कोरोना से रिकवर होने के बाद बड़ी संख्या में लोगों में मधुमेह की शिकायत हो रही है। इनमें अधिकांश मामले ऐसे हैं, जिन्हें पता ही नहीं था कि वे मधुमेह से पीड़ित हैं और कोरोना में टेस्ट के दौरान उन्हें यह पता चला। इसके अलावा कोरोना के दौरान स्टेरॉयड दवाएं लेने से भी लोग मधुमेह से ग्रस्त हुए हैं। ऐसा भी देखा जा रहा है कि कोरोना वायरस से मधुमेह बढ़ा है। कोरोना के दौरान अधिक तनाव और शारीरिक रूप से कमजोर होने से भी मधुमेह हो सकता है। इनमें कई मरीजों को कोरोना के दौरान पहली बार उच्च मधुमेह की शिकायत हुई, जिन्हें सामान्य होने में लंबा समय लग रहा है। पहली बार मधुमेह से रिपोर्ट होने वाले मामलों में अधिकांश 40 से ऊपर आयु वर्ग के लोग हैं। 15 से 20 लोग बाल गिरने की समस्या लेकर पहुंच रहे।