जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर अखनूर के चूंगी मोड़ क्षेत्र में सड़क हादसा इतना दर्दनाक था कि शवों को गहरी खाई से ऊपर लाने के लिए क्रेन का इस्तेमाल करना पड़ा। इस सड़क हादसे में 22 लोगों की मौत हुई हैं। ऐसे में शवों को गहरी खाई से ऊपर सड़क पर लेने बचाव में लोगों के लिए बड़ी चुनौती थी। ऐसे में शवों को खाई से ऊपर लाने के लिए क्रेन का इस्तेमाल किया गया। इसमें क्रेन के आगे एक बॉक्स नुमा लोहा का जंगला लगाया जो चारों तरफ से बंद था। उसमें रखकर एक समय पर दो तीन शवों को ऊपर लाया गया।
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Akhnoor Bus Accident
- फोटो : पीटीआई
जंगला नूमा इस बॉक्स को क्रेन के ऊपरी हिस्से चारों तरफ अच्छे से बांधा गया था। इसके बाद क्रेन की मदद से उसे नीचे उतरा फिर उसमें शवों को रखकर ऊपर लाया गया। बचनाव में बड़े-बड़े रस्सों का भी इस्तेमाल किया गया, जिनकी मदद से एसडीआरएफ और पुलिस जवान गहरे खाई में उतरे।
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बचाव अभियान स्थानीय लोगों का भी अहम योगदान रहा।जिस स्थान से बच नीचे खाई में गिरी वहां से नीचे खाई पैदल जाना काफी कठिन है। इसके लिए अधिकारियों ने क्रेन में बॉक्स लगाकर शवों को ऊपर लाने का फैसला लिया। इसके बाद शव को एम्बुलेंस से जीएमसी जम्मू लाया गया।
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घटना स्थल पर अफरा- तफरी का माहौल था। स्थानीय लोगों का कहना था की जिस स्थान पर सड़क हादसा वहां सड़क हादसा होने की संभावना सिर्फ चालक की गलती से हो सकता है। बस चालक मोड़ काटने की बजाय सीधे आगे चला गया, जिसके कारण बसे गहरी खाई में जा गिरी।
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बाल कृष्ण शास्त्री व उनकी बेटी अनुप्रिया
- फोटो : संवाद
बाल कृष्ण ने हादसे में खो दिया परिवार
मथुरा जिले के न्याय गांव के रहने वाले बाल कृष्ण शास्त्री ने बताया कि उनके परिवार के छह सदस्य उत्तर प्रदेश से जम्मू कश्मीर में शिवखोड़ी और मां वैष्णो देवी के दर्शन करने निकले थे। इस भयंकर सड़क हादसे में उन्होंने अपने भाई व उसके पूरे परिवार को खो दिया।
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बाल कृष्ण ने बताया कि वह बाकी श्रद्धालुओं के साथ मंगलवार को उत्तर प्रदेश के हाथरस से निकले थे। बस में उनकी बेटी अनुप्रिया, भाई लक्ष्मण प्रसाद, भाभी अनामिका उनके बच्चे रुद्र व बेटी नैना उर्फ नैंसी शामिल थे। हादसे में केवल बाल कृष्ण शास्त्री व उनकी बेटी अनुप्रिया सलामत हैं, जबकि भाई लक्ष्मण प्रसाद, भाभी अनामिका, उनका बेटा रुद्र व बेटी नैना उर्फ नैंसी की मौके पर ही मृत्यु हो गई।
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उन्होंने कहा कि वह बड़ी आस्था लेकर इस यात्रा पर निकले थे। वीरवार को शिव खोड़ी में दर्शन के बाद उन्हें वैष्णो देवी जाना था, जहां श्रद्धालुओं की तरफ से भंडार भी आयोजित किया जाना था, लेकिन इस सड़क हादसे ने उनसे आज सब कुछ छीन लिया। उन्होंने कहा इस यह सड़क हादसा उम्र भर उनके साथ सदमे की तरह रहेगा। बाल कृष्ण शास्त्री की बेटी इस हादसे से सदमे में है। बाल कृष्ण शास्त्री ने बताया कि उन्होंने ही यह टूर बनाया था और बस भी उन्होंने ही बुक की थी।
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मृतकों की पहचान कर रही सावित्री पिता का शव देखकर टूट गई
जम्मू-पुंछ मार्ग पर हुए हादसे में मृतकों की पहचान करना प्रशासन व पुलिस के लिए बड़ी चुनौती थी, क्योंकि पहचान करने के बाद ही उत्तर प्रदेश में इनके परिजनों को सूचित किया जा सकता था। हादसे से सभी यात्री भयभीत थे किंतु 23 वर्षीय सावित्री निवासी मंजुला गांव हाथरस ने हिम्मत दिखाते हुए शव गृह व अस्पताल में सबकी पहचान करने में पुलिस की मदद की।
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सावित्री
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देर शाम जब बस को खाई से निकाला गया तो अंतिम शव बस के नीचे दबा मिला जिसे भी अखनूर उपजिला अस्पताल के शवगृह में भेजा गया। सभी की पहचान कर रही सावित्री इस शव को देख कर सदमे में आ गई। उससे कुछ भी बोला नहीं गया। पुलिस अधिकारियों ने उसको संभाला।
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थोड़े समय के बाद जब वह स्थिर हुई तो उसने बताया कि यह 22वां शव उसके पिता जय प्रकाश का है और वह उन्हीं के साथ जम्मू कश्मीर के दौरे पर आई थी। पिता का शव देखने के बाद सावित्री की हिम्मत टूट गई। वह काफी समय तक अपने पिता की मृत्यु के सदमे में रोती रही।
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चालक के नियंत्रण से बाहर हुई बस, 91 यात्रियों समेत 150 फुट गहरी खाई में गिरी, 22 की मौत, 69 घायल
आपको बता दें कि जम्मू-पुंछ राष्ट्रीय राजमार्ग पर अखनूर क्षेत्र के टूंगी मोड़ में वीरवार को 91 श्रद्धालुओं से भरी यात्री बस 150 फुट गहरी खाई में जा गिरी। हादसे में 22 लोगों की मौत हो गई। हादसा चालक के नियंत्रण खोने से हुआ बताया जा रहा है। गंभीर रूप से घायल 57 श्रद्धालुओं को जम्मू मेडिकल कॉलेज व 12 अन्य का इलाज अखनूर के उपजिला अस्पताल में जारी है।
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जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के हाथरस से निकली यह बस जम्मू कश्मीर के रियासी जिले में स्थित शिवखोड़ी के लिए जा रही थी। श्रद्धालुओं ने भोले बाबा की पवित्र गुफा के दर्शन करने थे। घायलों से मिली जानकारी के अनुसार वह सब मंगलवार को हाथरस से निकले थे। बुधवार को कुरुक्षेत्र में रुकने के बाद शाम को आगे रवाना हुए।
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वीरवार को करीब 12 बजे जम्मू जिले के अखनूर क्षेत्र में टूंगी मोड़ पर चालक के नियंत्रण खोने की वजह से बस गहरी खाई में जा गिरी। इस हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई और लोग चिल्लाने लगे।
घटना की जानकारी पुलिस को मिलते ही एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं। कई घंटों तक स्थानीय लोगों की मदद से बचाव कार्य चलाया गया। जानकारी के अनुसार बस में 91 यात्री सवार थे।