जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ काफिले पर पुलवामा में और उरी में हुए आतंकी हमले में जैश-ए-मोहम्मद का नाम सामने आया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक जैश सरगना मसूद अजहर की शनिवार दो मार्च को बीमारी के चलते मौत हो गई है। पाकिस्तानी के इस चरमपंथी संगठन के पहले भी कई आतंकी हमलों में शामिल होने की बात सामने आती रही है। कश्मीर को अलग करने की नापाक कोशिश के नाम पर इस संगठन ने कई बार भारत पर हमला किया। आइये जानते हैं जैश ए मोहम्मद से जुड़ी कुछ अहम बातों को-
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मसूद अजहर
जैश ए मोहम्मद एक प्रतिबंधित चरमपंथी आतंकी संगठन है, जिसकी स्थापना पाकिस्तान में हुई थी। 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमले के बाद वर्ष 2002 में इसे पाकिस्तानी राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा प्रतिबंधित संगठन घोषित किया जा चुका था। जैश का सबसे बड़ा सरगना मौलाना मसूद अजहर को कहा जाता था, जिसे बीते साल पाकिस्तान में गिरफ्तार किया गया था।
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पठानकोट
- फोटो : SELF
2015 में पठानकोट के एयरफोर्स स्टेशन पर हुए हमले की साजिश जैश ए मोहम्मद ने रची थी। इस आतंकी हमले में सेना के 7 जवान शहीद हुए थे जबकि 20 अन्य लोग घायल हुए थे। इस हमले में सेना की जवाबी कार्रवाई के दौरान मारे गए आतंकियों के पास से पाकिस्तानी सामान बरामद हुए थे। पठानकोट हमले के बाद पाकिस्तानी सरकार ने जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख सरगना मौलाना मसूद अजहर को गिरफ्तार कर लिया था।
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13 December Parliament attack
जैश-ए-मोहम्मद 2001 में भारतीय संसद पर हुए हमलों में शामिल था। लश्कर-ए-तैयबा के साथ किए जैश-ए-मोहम्मद के इस हमले में 14 लोगों की मौत हुई थी जबकि 22 लोग गंभीर रुप से घायल हुए थे। संसद पर हुए इस हमले की सारी दुनिया में निंदा हुई थी।
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Afzal Guru
- फोटो : Social Media
भारत की संसद पर हुए हमले के बाद दिसंबर 2002 में भारत सरकार ने संसद हमले के दोषी 4 आतंकियो को गिरफ्तार किया था। इन आतंकियों में अफजल गुरू भी शामिल था जिसे बाद में फांसी दे दी गई थी।
जैश-ए-मोहम्मद को ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, भारत, संयुक्त अरब अमीरात, अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र ने आतंकी संगठन घोषित करते हुए प्रतिबंधित किया है। जैश-ए-मोहम्मद पर दुनिया के कई देशों में आतंकवाद और कट्टरपंथी गतिविधियों मे शामिल होने और आतंकियों को प्रशिक्षण देने के आरोप हैं।