भारत के सत्यव्रत ने ग्यारहवें इंटरनेशनल दंगल में परचम लहराते हुए रुस्तम-ए-हिंद का खिताब अपने नाम कर लिया। उन्होंने बेलारूस के पहलवान लिगोर वैधित को 12वें मिनट में पछाड़ते हुए खिताब पर कब्जा जमाया। ग्यारहवें रुस्तम-ए-हिंद बनने पर उन्हें चांदी का गुर्ज, 60 हजार रुपए नकद और पट्टे के साथ सम्मानित किया गया। बता दें कि इस खिताब पर अब तक भारतीय पहलवानों की ही जीत होती रही है।
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देखिए, कैसे अंतर्राष्ट्रीय दंगल से सजा कटड़ा
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प्रतियोगिता के प्रमुख मुकाबले में उतार-चढ़ाव का सिलसिला लगातार जारी रहा। दर्शक इस बात का अनुमान नहीं लगा पा रहे थे कि कौन सा पहलवान भारी पड़ेगा। अलबत्ता आखिर में हरियाणा के सत्यव्रत खिताब जीतने में कामयाब रहे।
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इस मौके पर सभी पहलवानों के स्वागत के लिए रोड शो निकाला गया, जिसमें पहलवानों ने समस्त लोगों को हाथ हिलाकर अभिवादन किया।
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ढोल नगाड़े के साथ सभी पहलवान पूरे कटड़ा में घूमे, जहां लोगों ने फूल बरसाकर उनका स्वागत किया।
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दूसरा प्रमुख मुकाबला यूक्रेन के डिस्नको और भारत के बीनिया पहलवान में हुआ, जिसमें अंकों के आधार पर बीनिया पहलवान ने जीत दर्ज की।
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तीसरे स्थान के मुकाबले में भारत के परमिंदर ने इंग्लैंड के लिटिकान लोन को पटकनी दी। तीनो प्रमुख मुकाबले के विजेता को साठ हजार रुपए पुरस्कार में मिले।
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प्रतियोगिता में कुल 30 मुकाबले हुए। हर मुकाबले पर दर्शक पहलवानों का हौसला बढ़ाते रहे। नवरात्र महोत्सव के उपलक्ष्य पर यहां के मल्टीपर्पज स्पोर्ट्स स्टेडियम में दिन भर पहलवानों ने पल्टी, टांग, कलाजंद, धोवीपाट आदि दांवपेंच से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया।
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बता दें कि इस दूसरे देश से तीन पहलवान आए थे। इनमें एक यूक्रेन से, दूसरा इंग्लैंड से और तीसरा बेलारूस से था।
इंटरनेशनल दंगल में महिला पहलवानों के प्रमुख मुकाबले में जालंधर की बलविंदर ने रियासी की नीशा शर्मा को हराते हुए खिताब पर कब्जा जमाया। महिला पहलवानों के आठ मुकाबले हुए, जिनका अधिकतर निर्णय अंकों के आधार पर हुआ।