फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस: पति की शहादत के बाद खुद पहनी वर्दी, परिचय की मोहताज नहीं महिलाएं

Fri, 08 Mar 2019 12:20 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 6
- फोटो : अमर उजाला
नारी केवल श्रद्धा ही नहीं शक्ति भी है। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक किसी भी पल महिलाओं के योगदान को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। न ही उनके कार्य को पैसों में तोला जा सकता है।

एक मां का एक होम मेकर के तौर पर योगदान अतुलनीय है। आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। ऐसे में हम आपको रूबरू करा रहे हैं, ऐसी ही कुछ महिलाओं से जो अपनी खास पहचान बना चुकी हैं। उनका नाम आज किसी परिचय का मोहताज नहीं।
विज्ञापन

2 of 6
डॉ. सुनिया अशकूर वानी - फोटो : अमर उजाला
पहले डाक्टर बनीं, फिर पुलिस अधिकारी 
डॉ. सुनिया अशकूर वानी एमबीबीएस कर डॉक्टर बन चुकी थीं, लेकिन मन में कहीं पुलिस अधिकारी बनने की इच्छा भी परवाज भर रही थी। ऐसे में वानी ने एमबीबीएस करने के बाद केपीएस परीक्षा भी पास की। डॉ. वानी इस समय गांधी नगर पुलिस स्टेशन में बतौर एसडीपीओ तैनात हैं। इससे पहले उन्होंने बीएसएफ स्कूल से स्कूलिंग की और गवर्नमेंट मेडिकल कालेज यानी जीएमसी, जम्मू से एमबीबीएस पूरा किया। डॉ. वानी आज महिलाओं के लिए मिसाल बनी हुई हैं। इतना ही नहीं, वह बाकी लड़कियों को भी अपने सपने पूरे करने के लिए प्रेरित करती हैं। जल्द ही वह उनके लिए एक इंटरेक्टिव सेशन भी शुरू करने जा रही हैं, ताकि उन्हें राह की बाधाओं से न घबरा कर आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकें।
विज्ञापन

3 of 6
आरती ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
पति की शहादत के बाद खुद पहनी वर्दी  
आरती ठाकुर उन महिलाओं के लिए मिसाल हैं, जो हालात के आगे घुटने नहीं टेकतीं। आरती के पति जम्मू-कश्मीर पुलिस में कार्यरत थे, जो 2002 में हुए एक एनकाउंटर में शहीद हो गए। पति की शहादत के बाद आरती का जज्बा नहीं डगमगाया, बल्कि उन्होंने खुद पुलिस की वर्दी पहनी। आरती ने 2005 में पुलिस की नौकरी ज्वाइन की। इस वक्त वह गांधीनगर स्थित वूमेन सेल में एसआई के पद पर तैनात हैं। आरती वूमेन सेल के जरिये औरतों को उनका हक दिलाने में मदद कर रही हैं। उनका कहना है कि अगर औरत चाहे तो कोई बाधा उनका रास्ता नहीं रोक सकती।  

4 of 6
नयना बमोत्रा - फोटो : अमर उजाला
हटकर राह चुनी, लड़कियों को कर रहीं नेशनल्स के लिए तैयार  
पहले आम लड़कियों से हटकर राह चुनना और फिर उस पर बने रहने के लिए सबसे लड़ना। अगर नयना बमोत्रा की कहानी को समझना है तो यह लाइन काफी है। पेशे से क्रिकेट और  साफ्टबाल कोच नयना दूसरी लड़कियों को भी अपने सपने पूरे करने की राह दिखा रही हैं। वह क्रिकेट और साफ्टबाल कोच के तौर पर लड़कियों को नेशनल के लिए तैयार कर रही हैं। बकौल नयना- ‘मैंने इन खेलों को अपनाने के लिए लोगों की बहुत बातें सुनीं। सबको लगता था कि क्रिकेट लड़कों का खेल है। वह बहुत आलोचना करते, लेकिन मैंने किसी की नहीं सुनी। वही किया, जो मुझे सही लगा।’ आज नार्थ जोन, नेशनल समेत कई प्रतियोगिताओं के गोल्ड और अन्य मेडल नयना के नाम हैं। उन्हें एक संस्था ने स्टेट अवार्ड से भी नवाजा है। नयना का मानना है कि लगन और मेहनत से सब कुछ हासिल करना आसान है।
विज्ञापन

5 of 6
पारुल जसरोटिया - फोटो : अमर उजाला
ट्रैकिंग के लिए नौकरी छोड़ी, दूसरों को कर रहीं प्रेरित 
पारुल जसरोटिया अपने जीवन को एडवेंचर और ट्रैकिंग को समर्पित कर चुकी हैं। यहां तक कि ट्रैकिंग का अपना पैशन पूरा करने के लिए उन्होंने नौकरी तक को ताक पर रख दिया। वह जम्मू, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के पहाड़ों पर 25 से अधिक ट्रैक कर चुकी हैं, लेकिन वह केवल अपने लिए नहीं जीतीं। वह ऐसे लोगों की भी मदद कर रही हैं, जो कुछ नया और अलग करना चाहते हैं। पारुल उन्हें अपना कंफर्ट जोन छोड़ने के लिए तैयार कर रही हैं। लेकिन ऐसा नहीं कि ट्रैकिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए पारुल ने अपनी पढ़ाई को त्याग दिया हो। वह इसे भी पूरी अहमियत देती हैं और फिलहाल सेंट्रल यूनिवर्सिटी, जम्मू से पर्यटन में पीएचडी कर रही हैं। ट्रैकिंग के अलावा पारुल बाइक राइडिंग की भी शौकीन हैं। कुल मिलाकर वह ऐसी लड़कियों के लिए रोल माडल हैं, जो लीक से हटकर अपनी जिंदगी को अपनी शर्तों पर जीना चाहती हैं। 
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
उर्वशी किरण शर्मा - फोटो : अमर उजाला
गायन में चमकाया रियासत का नाम
कक्षा दो से ही गायन के क्षेत्र में कदम रखने वाली जम्मू निवासी उर्वशी किरण शर्मा रियासत का नाम रोशन कर रही हैं। वह एमटीवी कलर्स की नार्थ जोन की विजेता भी रह चुकी हैं।उनका उद्देश्य अपनी डोगरी सस्ंकृति को देश-दुनिया में प्रमुख स्थान दिलाना है। उर्वशी का जल्द ही एक गाना रिलीज होने वाला है। वह उन लड़कियों के लिए मिसाल हैं, जो अपने सपने पूरे करने में हिचकिचाती हैं और हालात के साथ समझौता कर लेती हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें