इंडियन टी-20 लीग (IPL) हर बार कश्मीरी बैट निर्माताओं के लिए सौगात लेकर आता है। IPL सीजन के शुरू होते ही कश्मीरी बैट निर्माताओं को देश की बड़े कारपोरेट कंपनियों से ऑर्डर मिलने लगते हैं। इस वर्ष भी बैट निर्माता यूनिट को बड़े ऑर्डर मिले हैं।
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कश्मीरी बैट
- फोटो : अमर उजाला
IPL सीजन का कश्मीरी बैट निर्माताओं को बेसब्री से इंतजार रहता है। हर वर्ष बैट निर्माता यूनिट को IPL सीजन के दौरान करोड़ों रुपये के ऑर्डर मिलते हैं। एमआरएफ और एसएस वाले कश्मीर से बैट खरीदने के बाद अपना स्टीकर लगाते हैं। कश्मीर घाटी में लगभग तीन सौ बैट फैक्टरी विभिन्न जिलों में हैं। वहीं जम्मू में 30 से 40 के यूनिट हैं। इनका सालाना कारोबार लगभग 10 करोड़ के करीब होता है। हालांकि आईपीएल सीजन के दौरान कारोबार में बढ़ोतरी होती है और काफी ऑर्डर भी मिलता है।
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कश्मीरी बैट
- फोटो : अमर उजाला
जेएंडके कश्मीर क्रिकेट बैट मैन्यूफैक्चरिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष और डार स्पोर्ट्स इंडस्ट्रीज के मालिक अब्दुल राशिद डार कहते हैं कि IPL में कारोबार में बढ़ोतरी होती है। हालांकि सरकार का बैट इंडस्ट्रीज के प्रति कोई ध्यान नहीं है। वर्तमान में कश्मीर में बैट इंडस्ट्रीज में लगभग 20 हजार लोग जुडे़ हैं। कई बार लखनपुर में उनके ट्रक को रोका जाता है। इसे लेकर हमने राज्यपाल के सलाहकार से मुलाकात भी की है।
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कश्मीरी बैट
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उन्होंने बताया कि बैट बनने की प्रक्रिया काफी लंबे समय से चल रही है। पहले लकड़ी को करीब एक साल तक धूप में सुखाना पड़ता है। फिर आगे की प्रक्रिया शुरू होती है। इंडस्ट्री डिमांड के हिसाब से बैट बनाती है। 2014 की बाढ़ से बैट इंडस्ट्री को काफी नुकसान पहुंचा था।
सिंगापुर से आता है बैट का हैंडल
देश से लेकर विदेश में सबसे ज्यादा मांग कश्मीरी विलो बैट की होती है। विलो पेड़ से सबसे अधिक बैट बनाए जाते हैं। बेस्ट क्वालिटी के बैट में सिंगापुरी हैंडल जड़ता है। इससे बैट की कीमत भी आम बैट से अधिक होती है। कश्मीर बैट निर्माता जलंधर और मेरठ से इन हैंडल को मांगते हैं। गर्मी में कश्मीर में सबसे अधिक बैट का कारोबार होता है।