जम्मू-कश्मीर के उरी सेक्टर में पाकिस्तान द्वारा लगातार रिहाइशी इलाकों को निशाना बनाकर गोलाबारी की जा रही है। ऐसे में कई ऐसे मोर्टार थे जो गिरने के बाद फटे नहीं, उन्हें बुधवार को भारतीय सेना ने निष्क्रिय किया।
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इस घर में गिरा था मोर्टार
- फोटो : आबिद नबी
यह मोर्टार एक घर में गिरा था जिसे वहां से हटाने पर वह फट जाता। ऐसे में बम निरोधक दस्ते ने उसे घर के अंदर ही निष्क्रिय किया। मोर्टार घर के अंदर होने के कारण विस्फोट से घर भी छतिग्रस्त हो गया।
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बम निरोधक दस्ते ने किया मोर्टार निष्क्रिय
- फोटो : आबिद नबी
पाकिस्तान द्वारा इस साल 3000 से अधिक बार सीमा पर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया जा चुका है। इस दौरान पाकिस्तान ने सीमा से सटे रिहाइशी इलाकों और सेना की चौकियों को निशाना बनाकर गोलाबारी की।
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घर में ही किया मोर्टार निष्क्रिय
- फोटो : आबिद नबी
ऐसा होता है मोर्टार मिसाइल
मोर्टार पूरी दुनिया में प्रचलित हथियारों में से एक है। सदियों से सेनाएं इसे काम में ले रही है। समय के साथ इसमें कई बदलाव किए गए और इसकी मारक क्षमता को बढ़ाया गया। मोर्टार को हल्का बनाया गया ताकि इसे एक स्थान से दूसरे स्थान तक जवान कंधों पर आसानी से उठा कर ले जा सकें। एक मोर्टार का वजन सामान्य तौर पर साढ़े चार से साढ़े पांच किलोग्राम के बीच में होता है। इन मोर्टार से एक मिनट में आठ से बारह राउंड फायर किए जा सकते है। अधिक दूरी के लिए गोला दागते समय मोर्टार को 45 डिग्री कोण पर रखा जाता है।
वहीं कम दूरी पर अधिक ऊंचाई वाली किसी इमारत या दीवार के पीछे गोला दागने के लिए 85 डिग्री तक का कोण बनाया जाता है। मोर्टार से दागे जाने वाले बम सामान्य तौर पर साढ़े आठ सौ से साढ़े नौ सौ ग्राम वजन के होते है। मोर्टार में बम को डालने के बाद इसके नीचे की तरफ एक पिन होती है। इस पिन को दबाने से इसमें लगी स्प्रिंग गोले को बाहर की तरफ उछालती है। मोर्टार से दागा गया बम पच्चीस मीटर से लेकर अस्सी मीटर के दायरे में भारी नुकसान पहुंचाता है। गन के समान कंधों पर रख कर भी दागे जाने वाले मोर्टार भी आ गए है। वहीं कई मोर्टार की मारक क्षमता काफी अधिक बढ़ा दी गई है। ऐसे मोर्टार सेना काम में लेती है।