घाटी में आतंकियों की कमर टूटने और तारबंदी वाले क्षेत्र में कड़े सुरक्षा घेरे को देखते हुए पाकिस्तान सुरंग खोदकर घुसपैठ करवा रहा है। रविवार तड़के सांबा सेक्टर में घुसपैठ के लिए खोदी गई चौथी सुरंग मिली है। इससे पूर्व भी आईएसआई ने पाकिस्तानी सेना और रेजरों की मदद से सुरंग खोदकर घुसपैठ की कोशिश की है।
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इसी सुरंग से आए थे नगरोटा में मारे गए आतंकी
- फोटो : amar ujala
सांबा सेक्टर में वर्ष 2016 में चचवाल में भारतीय सीमा के अंदर 500 मीटर तक खोदी गई सुरंग मिली थी। 29 जुलाई 2018 को रामगढ़ के चमलियाल के निकट सुरंग मिली थी जिसकी लंबाई भारतीय क्षेत्र में 200 मीटर पाई गई। 29 अगस्त 2020 को जिला के सीमावर्ती गांव बैनगलाड की सीमा से भी भारतीय क्षेत्र में 170 मीटर लंबी सुरंग मिली।
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इन्ही बोरियों से सुरंग को ढका गया था
- फोटो : ani
टीले वाली जगह और तस्करी के रूट चुन रही आईएसआई
अंतरराष्ट्रीय सीमा पर आतंकी गतिविधियों से पूर्व नशीले पदार्थों समेत अन्य सामान की तस्करी होती थी। बाद में इन रूटों का इस्तेमाल आतंकी घुसपैठ के लिए किया जाने लगा। सीमा पर सुरक्षा घेरा कड़ा होने के बाद तस्करी और घुसपैठ के रूटों के आसपास वाले क्षेत्र में सुरंगें खोदकर घुसपैठ करवाई जा रही है।
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इसी सुरंग से आए थे नगरोटा में मारे गए आतंकी
- फोटो : ani
सूत्रों ने बताया कि सुरंगें उस इलाके में खोदी जा रही हैं, जहां से तस्करी और घुसपैठ पहले भी होती रही है। इसके अलावा सुरंग खोदने के लिए टीले वाला क्षेत्र चुना जाता है। रिगाल में मिली सुरंग का पाकिस्तान की ओर सिरा भी ढलान पर है। यानी पाकिस्तान से भारत की ओर आते समय यह क्षेत्र ऊंचाई पर है। इससे पूर्व मिलीं सुरंगें भी ऐसी ही भौगोलिक परिस्थितियों में पाई गईं।
आतंकी घुसपैठ का इनपुट मिलते ही पुलिस ने बन टोल प्लाजा पर ट्रक में छिपे आतंकियों को ढेर कर दिया था। चार पाकिस्तानी आतंकियों से 14 हथियार बरामद हुए थे। आतंकी मार गिराने के बाद घुसपैठ की जगह और उनके हाईवे तक पहुंचने के रूट की जांच चल रही थी। पुलिस ने तमाम इनपुट बीएसएफ से साझा किए और बीएसएफ ने कड़ी मेहनत कर घुसपैठ के लिए इस्तेमाल सुरंग को खोज निकाला। दिलबाग सिंह, पुलिस महानिदेशक जम्मू-कश्मीर पुलिस