बुधवार शाम रात्रिकालीन प्रशिक्षण उड़ान पर निकले ध्रुव हेलिकॉप्टर के दुर्घटनाग्रस्त होने से पायलट लेफ्टीनेंट कर्नल राज गुलाटी और सह पायलट मेजर ताहिर हुसैन खान की मौत हो गई थी।
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तस्वीरों में देखिए, हेलिकॉप्टर हादसे के बाद का भयानक मंजर
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बांडीपोरा जिले के लमान जंगल में दुर्घटनाग्रस्त सेना के हेलिकॉप्टर ध्रुव मामले की सेना ने वीरवार को जांच शुरू कर दी।
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सेना के इलेक्ट्रिकल मेकेनिकल इंजीनियर्स (ईएमई) और एविएशन विंग की टीम ने मौके पर जाकर दुर्घटना के कारणों का पता लगाने की कोशिश की।
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हेलिकॉप्टर की लपटों से जंगल में भी आग लग गई थी। सैन्य सूत्रों के अनुसार ईएमई की पांच सदस्यीय एक्सपर्ट टीम ने घटनास्थल का दौरा किया और घटना स्थल से 100 मीटर की परिधि में घटना से जुड़े साक्ष्यों की गहनता से जांच-पड़ताल की।
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टीम ने दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर के मलबे को एकत्र करने से पहले मौके की विभिन्न कोनों से वीडियोग्राफी की। साथ ही फोटोग्राफ भी लिए।
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सेना के एविएशन विंग ने भी लगभग पांच घंटे तक घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। सूत्रों का कहना है कि टीम दोबारा एक सप्ताह बाद मौके का मुआयना कर सकती है।
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सूत्रों ने बताया कि जिस समय हेलिकॉप्टर का मानसबल बेस से संपर्क कटा, वह लगभग 3000 फीट की ऊंचाई पर था।
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दुर्घटना के वक्त हेलिकॉप्टर 1400 फीट की ऊंचाई पर रहा होगा। सूत्रों का कहना है कि खराब मौसम और कम दृश्यता के कारण पायलट को नीची उड़ान भरनी पड़ी होगी, यह भी दुर्घटना का एक कारण हो सकता है।