इस वर्ष दूसरी बार आतंकियों ने पांपोर की ईडीआई बिल्डिंग की आड़ लेकर सुरक्षा बलों पर हमला किया। फरवरी में हुए आतंकी हमले में सेना के दो अधिकारी और एक जवान शहीद हो गए थे, ऐसे में इस बार सेना कोई बड़ा रिस्क लेने के मूड में नहीं नजर आ रही है।
विज्ञापन
2 of 9
pampore
- फोटो : PTI
आतंकी भी इमारत से पूरी तरह वाकिफ नजर आ रहे हैं और मुठभेड़ लंबी खीचने के लिए पूरे प्लान के साथ काम कर रहे हैं।
विज्ञापन
3 of 9
pampore
- फोटो : PTI
सोमवार को दो से तीन आतंकी ईडीआई की इमारत में दाखिल हुए। आतंकियों ने सबसे पहले इमारत में रखे फर्नीचर को सीढ़ियों पर रख दिया है।
4 of 9
pampore
- फोटो : PTI
इमारत सात मंजिला है और उसमें 100 से ज्यादा कमरे हैं। ऐसे में आतंकियों की लोकेशन का पता लगाना सेना के जवानों के लिए थोड़ा मुश्किल हो रहा है।
विज्ञापन
5 of 9
pampore
- फोटो : PTI
आतंकी सीढ़ियों पर घात लगाए हुए हैं जैसे ही सेना के जवान अंदर घुसने के लिए फर्नीचर हटाने की कोशिश करते हैं वैसे ही आतंकी गोलियां बरसाना शुरू कर देते हैं। आतंकी पूरी तरह ट्रेंड हैं और सेना को भ्रमित करने के लिए लगातार अपनी लोकेशन बदलकर गोलियां बरसा रहे हैं।
विज्ञापन
6 of 9
pampore
- फोटो : PTI
किसी भी जवान को नुकसान ना पहुंचे इसके लिए सेना पूरी रणनीति के तहत ऑपरेशन को अंजाम दे रही। सूत्रों के मुताबिक सेना ऑपरेशन में कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती। जवानों द्वारा लाइट मशीन गन (एलएमजी) से गोलियां बरसाई जा रही हैं।
विज्ञापन
7 of 9
pampore
- फोटो : PTI
दूसरी ओर आतंकियों को ढेर और इमारत को कमजोर करने के लिए सेना आरपीजी (राकेट), यूबीजीएल (अंडर बैरल ग्रेनेड लांचर) और आईईडी का भी प्रयोग कर रही है।
8 of 9
pampore
- फोटो : PTI
सूत्रों के मुताबिक अब तक ऑपरेशन में 200 किलोग्राम आईईडी का प्रयोग किया जा चुका है। कश्मीर घाटी में अब तक किसी भी ऑपरेशन में इतनी भारी मात्रा में आईईडी का प्रयोग नहीं हुआ था।
फरवरी में हुए हमले के बाद से सेना ने सबक लेते हुए सभी महत्वपूर्ण इमारतों की रेकी की थी, ऐसे में ईडीआई इमारत की पूरी जानकारी सेना के पास है और सेना को इसी वजह से अभी तक कोई नुकसान नहीं हुआ है।