जम्मू-कश्मीर के जम्मू जिले में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए पुलिस ने शनिवार रात आठ बजे से नाइट कर्फ्यू को प्रभावी बना दिया। पुलिस वाहनों के जरिये लाउडस्पीकरों से मुनादी करवा बाजारों को बंद करवाया गया। चौक-चौराहों पर पुलिस कर्मियों ने आवाजाही को कम किया। प्रमुख नाकों पर गैर जरूरी कार्यों के लिए निकलने लोगों को वापस भेजा गया। हालांकि शादी समारोह का सीजन होने के कारण बड़ी संख्या में लोगों में असमंजस की स्थिति रही। प्रदेश प्रशासन ने शनिवार दोपहर बाद कोरोना कर्फ्यू का आदेश जारी किया और इसे शाम से प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इससे बड़ी संख्या में शहर से बाहर निकलने लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी।
विज्ञापन
2 of 5
जम्मू कश्मीर में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
आदेश की सूचना मिलते ही लोग अपने गंतव्यों की ओर से लौटने लगे, लेकिन कई लोग देर रात लौटे।शहर और आसपास के क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर शादियां होने के कारण बड़ी संख्या में लोग घरों से बाहर थे। बाजारों के भी पहले बंद हो जाने से लोगों को जरूरी खरीदारी में दिक्कतें हुईं। पुराने शहर के चौक-चौराहों पर रात को पुलिस के वाहन सायरन बजाते हुए निकल रहे थे।
विज्ञापन
3 of 5
जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
पूरी तरह बंद रहे वेयर हाउस, कनक मंडी
जम्मू-कश्मीर की सबसे बड़ी अनाज मंडी वेयर हाउस और कनक मंडी में शनिवार को वीकेंड लॉकडाउन रहा। इस दौरान सभी होलसेल के प्रतिष्ठान बंद रखे गए। वीकेंड लाकडाउन सोमवार सुबह तक रहेगा, जिसके बाद निर्धारित समय सारिणी के तहत प्रतिष्ठान खोले जाएंगे। शहर में दोनों स्थानों पर स्वैच्छिक तौर पर प्रतिष्ठान बंद रखे गए हैं। ट्रेडर्स फेडरेशन वेयर हाउस नेहरू मार्केट के प्रधान दीपक गुप्ता ने कहा कि कोविड संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए व्यापारी पूर्ण सहयोग दे रहे हैं। वेयर हाउस को शुक्रवार शाम छह बजे से बंद रखकर 70 घंटे का वीकेंड लॉकडाउन रखा गया है, ताकि भीड़ पर नियंत्रण पाया जा सके और कोविड चेन को तोड़ा जाए। वेयर हाउस में सैनिटाइजेशन करवाई गई।
4 of 5
जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन
- फोटो : अमर उजाला
कनक मंडी ट्रेडर्स एसोसिएशन के प्रधान अनूप मित्तल ने कहा कि कनक मंडी में वीकेंड लॉकडाउन के दौरान सभी प्रतिष्ठान बंद रखे गए हैं। कोविड के डर और यात्री वाहन नहीं चलने से बाजारों में खरीदारों की रौनक कम हुई है। शादी समारोह का सीजन होने के बावजूद लोग कम ही बाजारों में पहुंच रहे हैं।
रोटेशन स्तर पर बाजारों को खोेलने का दुकानदार विरोध कर रहे हैं। अधिकांश व्यापारी संगठनों ने सरकार ने फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा है। उनका कहना है कि रोटेशन स्तर पर प्रतिष्ठान खुलने से दुकानदारों के साथ ग्राहकों को परेशानी आ रही हैक्योंकि एक दिन रोटेशन की दुकानें बंद रहती हैं, जिसके असमंजस की स्थिति बनी हुई है।