तालाब खटीका स्थित जामा मस्जिद को जाने वाला रास्ता चौड़ा करने के लिए मंगलवार को जिला प्रशासन ने दलबल के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया।
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- फोटो : Amar Ujala
पहले दो दुकानें तो गिरा दी गईं, लेकिन आगे पुराने होटल की इमारत को गिराना प्रशासन के लिए टेढ़ी खीर बन गया। कार्रवाई न करने देने के लिए होटल मालिक और पुलिस के बीच जमकर झड़प हुई। कई मिनटों तक हाथापाई हुई और होटल मालिक को इमारत से दूर ले जाकर कार्रवाई को मुकम्मल किया जा सका।
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- फोटो : Amar Ujala
गिराए जाने वाले होटल के सामने उसी मालिक आशिक हुसैन का दूसरा होटल है, जहां से कुछ लोग होटल से बाहर आकर जिला प्रशासन की कार्रवाई में बार-बार विघ्न डाल रहे थे, तब पुलिस ने होटल का चैनल (दरवाजा) बंद कर दिया। तहसीलदार रिकवरी कुणाल शर्मा, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त (प्रशासन) आरएस जम्वाल, ज्वाइंट कमिश्नर (डब्ल्यू), पीर मिट्ठा के एसएचओ जावेद अहमद, सिटी थाने की एसएचओ शक्ति शर्मा और डीएसपी विवेक शेखर भी मौके पर पहुंच गए।
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- फोटो : Amar Ujala
काफी गहमागहमी के बीच पहले से तैयार खड़ी जेसीबी ने मौका मिलते ही होटल की खिड़की पर पीला पंजे से वार दिया और झटके से दीवार को नीचे की ओर खींचकर गिरा दिया। तभी मस्जिद की ओर से दूसरी ओर जेसीबी ने दीवार तोड़नी शुरू कर दी।
पुलिस ने कुछ मिनटों तक हिंसक हुए लोगों को नियंत्रित किया हुआ था और होटल का एक चौथाई हिस्सा मलबे में तब्दील कर दिया गया। बावजूद होटल संचालक आशिक हुसैन पुलिस अधिकारियों से पहले मुआवजा देने की मांग करता रहा, फिर होटल के अंदर से सामान निकालने की बात करता रहा। कुछ वक्त देकर टीम ने दोबारा से दोनों जेसीबी की मदद से पूरे होटल को मलबे में तब्दील कर दिया।