मलिक ने कहा, इसलिए अगर आपको उनसे हमदर्दी है, तो उन्हें हिरासत में लेने से दुखी नहीं हों। वे सभी अपने घरों में हैं। मैं आपातकाल के दौरान फतेहगढ़ जेल में था जहां पहुंचने में दो दिन लगते थे। अगर किसी मुद्दे पर किसी को हिरासत में लिया जाता है और उसकी मर्जी है तो वह राजनीतिक लाभ लेगा।’’ फारूक अब्दुल्ला अपने घर में हैं, जबकि उनके बेटे उमर हरि निवास में हैं। वहीं महबूबा मुफ्ती को चश्मे शाही में रखा गया है।
सेब का न्यूतम समर्थन मूल्य तय करने की तैयारी
मलिक ने कहा कि प्रदेश के सात लाख सेब उत्पादकों की समस्याओं से हम वाकिफ हैं। सरकार विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों से बात कर रही है कि राज्य में सेब की फसल के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया जा सके। ‘नाफेड’ ने लगभग 5000 करोड़ रुपये से आधी फसल खरीदने की इच्छा जताई है। यह बागवानों के हित में होगा।
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