न्यायमूर्ति संजीव कुमार ने कहा कि जब यह मामला 16 अगस्त, 2019 को पेश किया गया था तब महाधिवक्ता डीसी रैना ने बयान दिया था याचिकाकर्ताओं को न तो गिरफ्तार किया गया है और न ही हिरासत में लिया गया है। बल्कि याचिकाकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस तरह के कदम उठाए गए हैं। ऐसे प्रतिबंध शहर के विभिन्न हिस्सों में शांति और सुरक्षा के लिए लगाए जाते हैं।
बुधवार को जब मामला उठाया गया, तो एडवोकेट जनरल ने सरकार के गृह विभाग के विशेष सचिव द्वारा तैयार एक रिपोर्ट पेश की। एडवोकेट जनरल ने फिर से दोहराया कि याचिकाकर्ताओं को न तो गिरफ्तार किया गया है और न ही कोई अनुचित प्रतिबंध लगाया गया है। वे अपने घर से बाहर आने के लिए स्वतंत्र हैं। उन पर जो भी प्रतिबंध हैं वह राज्य के हित में सभी नागरिकों पर लागू हैं।