श्रीनगर स्थित चिनार कोर 15 कोर मुख्यालय में विजय दिवस की 50वीं वर्षगांठ मनाई गई। इसे 1971 के युद्ध के दौरान सर्वोच्च बलिदान देने वाले बहादुर सैनिकों को श्रद्धांजलि देकर स्वर्णिम विजय वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। 50 साल पहले इस महत्वपूर्ण दिन पर लेफ्टिनेंट जनरल एएके नियाजी की कमान के तहत 93000 से अधिक पाकिस्तानी सैनिकों ने सफेद झंडे उठाए और भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना के कमांडरों की उपस्थिति में ढाका में बिना शर्त आत्मसमर्पण किया। दिसंबर 1971 में पाकिस्तान के सशस्त्र बलों पर भारतीय सशस्त्र बलों की निर्णायक और ऐतिहासिक जीत की स्मृति में और स्वर्णिम विजय मशाल को श्रद्धांजलि देने के लिए बादामी बाग छावनी में स्थित युद्ध स्मारक पर एक भव्य पुष्पांजलि समारोह हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सभी धर्मों के धर्म गुरुओं के दिवंगत शहीदों के लिए प्रार्थना पाठ के साथ हुई।