सरकारी इमदाद के लिए फैले ये हाथ हमेशा ऐसे न थे। ये वे लोग जो कभी अच्छे
खासे संपन्न थे लेकिन कुदरत की मार ने इन्हें कहीं का नहीं छोड़ा। आलम ये
है कि आज दाने दाने के लिए ये हाथ फैलाने को मजबूर हैं।
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PICS: कभी दूसरों को बांटा, आज दाने-दाने को मोहताज
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एक वक्त के भोजन और चंद कपडों के लिए इस तरह लाइन में भी लगना पड़ेगा इन ग्रामीणों ने शायद ही कभी ऐसा सोचा होगा।
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एक वक्त के भोजन और चंद कपडों के लिए इस तरह लाइन में भी लगना पड़ेगा इन ग्रामीणों ने शायद ही कभी ऐसा सोचा होगा।
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एक वक्त के भोजन और चंद कपडों के लिए इस तरह हाथ फैलाना पड़ेगा इन ग्रामीणों ने शायद ही कभी ऐसा सोचा होगा।
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एक वक्त के भोजन और चंद कपडों के लिए इस तरह हाथ फैलाना पड़ेगा इन ग्रामीणों ने शायद ही कभी ऐसा सोचा होगा।
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PICS: कभी दूसरों को बांटा, आज दाने-दाने को मोहताज
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कभी इस घर में दिनभर बच्चों की धमा चौकड़ी मचती थी, लेकिन बाढ़ ने पलभर में इसे खंडहर में तब्दील कर दिया।
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PICS: कभी दूसरों को बांटा, आज दाने-दाने को मोहताज
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कभी इस घर में दिनभर बच्चों की धमा चौकड़ी मचती थी, लेकिन बाढ़ ने पलभर में इसे खंडहर में तब्दील कर दिया।
PICS: कभी दूसरों को बांटा, आज दाने-दाने को मोहताज
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कभी इस घर में दिनभर बच्चों की धमा चौकड़ी मचती थी, लेकिन बाढ़ ने पलभर में इसे खंडहर में तब्दील कर दिया।
PICS: कभी दूसरों को बांटा, आज दाने-दाने को मोहताज
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बाढ़ से प्रभावित लोग जैसे तैसे जान बचाकर उधमपुर पहुंचे तो सेना के जवानों ने उनकी सुध ली। उन्हें इत्मीनान से खाना खिलाकर उधमपुर से ट्रेन द्वारा उनके घरों की ओर रवाना किया गया।
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बाढ़ प्रभावितों के लिए सेना और प्रशासन की ओर से मेडिकल कैंप लगाए गए हैं जिसमें लगातार प्रभावितों का इलाज चल रहा है।
PICS: कभी दूसरों को बांटा, आज दाने-दाने को मोहताज
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बाढ़ से पहले इस स्कूल में कभी मासूमों की कक्षाएं चलती थी लेकिन बाढ़ के बाद यहां हालात खराब हैं।
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बाढ़ से पहले इस स्कूल में कभी मासूमों की कक्षाएं चलती थी लेकिन बाढ़ के बाद यहां हालात खराब हैं।