फारूक अब्दुल्ला
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उर्दू किसी धर्म की नहीं भारतीय भाषा
डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने कहा कुछ लोग उर्दू को मुस्लिमों की भाषा के रूप में देखते हैं। ऐसा नहीं है उर्दू भारत की एक भाषा है और इसका प्रचार प्रसार और तेज होना चाहिए। जब हम नहीं होंगे तब भी उर्दू भाषा होगी। उन्होंने कहा गुज्जरों की हालत सुधरी नहीं है। वह आर्थिक रूप से कमजोर हैं और शैक्षणिक रूप से भी पिछड़े हुए हैं। इनको बेहतर शिक्षा मिले और आर्थिक स्थिति मजबूत हो इसके लिए सबको मिलकर काम करना होगा।