दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा जिले में सुरक्षा बलों ने शनिवार को हिजबुल कमांडर जहूर ठोकर समेत तीन आतंकियों को मार गिराया। एक जवान शहीद हो गया, जबकि दो अन्य जवानों की हालत गंभीर है। मुठभेड़ के बाद बवाल शुरू हो गया। मौके पर जुटी भीड़ हिंसक हो गई। युवाओं ने सुरक्षाबलों पर भारी पथराव शुरू कर दिया।
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- फोटो : बासित जरगर
सुरक्षा बलों को चारो ओर से घेर लिया। अपने को घिरा पाकर सुरक्षा बलों ने पहले तो आंसू गैस के गोले दागे। इसके बाद भी स्थिति नहीं संभली तो हवाई फायरिंग की गई। इस दौरान हिंसक झड़पों में सात पत्थरबाज की मौत हो गई। 50 से अधिक लोग घायल हैं। पूरे इलाके में तनाव की स्थिति है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह घटना सुबह सिर्नू गांव में हुई जब सुरक्षाबलों ने सेना से भागे हुए जहूर अहमद ठोकर समेत तीन आतंकवादियों की मौजूदगी की खुफि या रिपोर्टों के आधार पर इलाके की घेराबंदी की। जैसे ही ठोकर के मुठभेड़ में फं से होने की खबर फैली तो लोगों ने मुठभेड़ स्थल पर जुटना शुरू कर दिया। ठोकर इसी गांव का था।
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- फोटो : बासित जरगर
अधिकारियों ने बताया कि ठोकर समेत तीन आतंकवादियों के मारे जाने के साथ ही मुठभेड़ 25 मिनट में खत्म हो गई। इसी दौरान विभिन्न गांवों से जुटी भीड़ ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि लोगों को चेतावनी देने के लिए हवा में गोलियां भी चलाई गईं लेकिन उससे भी उग्र भीड़ रुकी नहीं। भीड़ को तितर बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे गए। पेलेट का भी इस्तेमाल किया गया। हिंसक झड़पों में सात लोगों की मौत हो गई।
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पुलिस वाहन पर पथराव करता पत्थरबाज
- फोटो : अमर उजाला
शहीद जवान की शिनाख्त राजस्थान के चुरु जिले के भिंचरी गांव के किशन सिंह के रूप में हुई है। इसके साथ ही उरचेरसू के तौसीफ अहमद, परिगाम के लियाकत डार, बैल्लो के सुहैल अहमद, मोंगहामा के शारबाज, अशमिंदर के आमिर अहमद पाल, करीमाबाद के मुर्तुजा बशीर व आबिद हुसैन लोन की मौत हो गई। आबिद ने इंडोनेशिया से एमबीए की थी।
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- फोटो : बासित जरगर
सेना का भगोड़ा था ठोकर, सिपाही की मौत का लिया बदला
ठोकर पिछले साल जुलाई में उत्तर कश्मीर के बारामुला जिले के गंटमुल्ला इलाके में सेना की टेरीटोरियल आर्मी शाखा से लापता हो गया था। वह अपनी सर्विस राइफल और तीन मैगजीन के साथ फरार हो गया था तथा आतंकवादी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल हो गया था। वह पुलवामा जिले में पुलिसकर्मी आकिब अहमद वागे समेत कई हत्याओं में शामिल था। सुरक्षा प्रतिष्ठानों पर हमले तथा नागरिकों पर अत्याचार के कई मामलों में भी उसका नाम था। बताते हैं कि सेना के जवान औरंगजेब की हत्या में भी वह शामिल था।
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- फोटो : फाइल
रेल सेवाएं और मोबाइल इंटरनेट ठप
मुठभेड़ शुरू होते ही हिंसा की आशंका में दक्षिण कश्मीर के चारों जिलों समेत लगभग पूरी घाटी में मोबाइल इंटरनेट सुविधाएं बंद कर दी गईं। रेल सेवाएं भी ठप कर दी गईं।
अब तक 251 आतंकी ढेर
रियासत में इस साल अब तक 251 आतंकी मारे गए हैं। इनमें लश्कर व हिजबुल के कई टाप कमांडर भी शामिल हैं। सुरक्षा बलों की ओर से आपरेशन आल आउट के तहत राज्यपाल शासन में तेजी आई है। 587 आतंकी हिंसा की घटनाएं हुईं जिसमें सुरक्षा बल के 86 जवान शहीद हुए। 37 नागरिकों की भी मौत हुई। पिछले साल 200 से अधिक आतंकी मार गिराए गए थे। 74 जवान शहीद हुए थे जबकि 36 नागरिकों की मौत हुई थी।