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लेह में कोरोना का असर: इंटरनेट की वजह से बच्चों की शिक्षा प्रभावित, वैक्सीनेशन के लिए भी नहीं हो पा रहा पंजीकरण

Thu, 03 Jun 2021 08:17 PM IST
करिश्मा चिब अमृतपाल सिंह बाली, जम्मू-कश्मीर
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Internet User - फोटो : Pixr8
लद्दाख में लॉकडाउन को सात जून तक बढ़ाने के आदेश के साथ ही प्रदेश में स्कूल और कॉलेज खुलने की उम्मीद फिर से धुंधली हो गई है। प्रदेश में ऑनलाइन कक्षाओं के जरिये ही शिक्षा प्राप्त करना एकमात्र उपाय बचा है। लेकिन, इसमें बाधा बन रही है प्रदेश की लचर मोबाइल और इंटरनेट सेवा। लद्दाख की राजधानी लेह से 70 किलोमीटर की दूरी पर स्थित दुर्बुक इलाके का मान गांव दुर्गम और दूरदराज का इलाका होने के बावजूद यहां के करीब 70 प्रतिशत लोग शिक्षित हैं। अब इन्हीं शिक्षित लोगों को आगे की शिक्षा इंटरनेट के जरिये पाने में परेशानी हो रही है। लॉकडाउन ने उनकी शिक्षा पर मानो ब्रेक ही लगा दी हो। मान और आस पास के 12 गांव एलएसी के पास होने के कारण हाई सिक्योरिटी जोन में आते हैं, इसलिए यहां पर दूरसंचार सेवाएं नहीं हैं। मोबाइल फोन यहां चल तो जाता है, लेकिन इंटरनेट नहीं है। इसलिए गांव के बच्चों को अब ऑनलाइन शिक्षा हासिल करने के लिए पंचायत घर में बने कम्युनिटी सेंटर जाना पड़ रहा है। इलाके के काउंसलर कोंचक स्टैंजिन के अनुसार क्षेत्र में इंटरनेट की सुविधा केवल इस पंचायत घर में है। यहां 2019 में एक वी-सैट लगाया गया, जिसकी मदद से वहां इंटरनेट चल पाता है।
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online class - फोटो : पीटीआई
सेना, आईटीबीपी, आदि के जवान यहां इंटरनेट सुविधा लेने के लिए आते हैं। ऐसे में जो बच्चे ऑनलाइन क्लास के लिए पंचायत घर आते हैं, उन्हें इंटरनेट इस्तेमाल करने को नहीं मिलता। दरअसल, वी-सैट के जरिये आठ से 10 उपभोक्ता ही इंटरनेट का लाभ उठा सकते हैं। जब लोग ज्यादा होते हैं तो बच्चों को इंटरनेट नहीं मिल पाता। इस तरह बच्चों की शिक्षा बुरी तरह प्रभावित होने लगी है। स्टैंजिन ने बताया कि यह इलाका चार पंचायत हलकों पर आधारित है जिसमें 12 गांव हैं। यह पंचायत घर तीन गांवों के लिए है, लेकिन सभी 12 गांव के लोग इस पर ही निर्भर हैं।
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Internet speed - फोटो : themaghrebtimes
सातवीं कक्षा के छात्र चेवांग नमग्याल के अनुसार उनको रोज पांच से छह किलोमीटर पैदल चलकर इस पंचायत घर पर आना पड़ता है, लेकिन इंटरनेट के कारण बहुत बार उनकी क्लास छूट भी जाती है। वहीं, चौथी कक्षा में पढ़ने वाली कूंगय अंगमो ने देश की सरकार से गांव में इंटरनेट सुविधा देने की मांग की। एक मिशनरी स्कूल में सातवीं कक्षा में पढ़ने वाले जिगमे सपदान के अनुसार वह रोज पहाड़ी रास्तों से चल कर पंचायत घर तक आते हैं, लेकिन हर बार इंटरनेट पर दबाव के कारण उनको क्लास में दिक्कत होती है।

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leh road - फोटो : अमर उजाला
कारगिल में कम्युनिटी क्लास, लेह प्रशासन को डर
गौरतलब है कि इन्हीं दिक्कतों को देखते हुए लद्दाख के कारगिल जिले में प्रशासन ने हर गांव में कम्युनिटी स्कूल शुरू करने का आदेश जारी किया है। सभी गांव के प्रधानों को पंचायत के साथ मिलकर इलाके में रहने वाले शिक्षकों की सूची तैयार करने और एक खुली जगह पर ही गांव के बच्चों को पढ़ाने का इंतजाम करना है। कारगिल के सभी गांवों में ये कम्युनिटी स्कूल एक जून से शुरू करने को कहा गया था। लेकिन फिलहाल लेह जिले में बढ़ते कोरोना के मामलों के कारण प्रशासन ऐसा कोई भी आदेश जारी करने से डर रहा है।
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कोरोना वैक्सीन - फोटो : पीटीआई
वैक्सीनेशन के लिए स्लॉट बुकिंग में भी परेशानी
एलएसी के करीब इलाकों में न केवल ऑनलाइन क्लास, बल्कि वैक्सीनेशन की पंजीकरण प्रक्रिया में भी दिक्कत आ रही है। स्टैंजिन ने बताया कि उनके निर्वाचन क्षेत्र के 12 गांवों के 18-44 आयु वर्ग के लोगों को अब तक वैक्सीन नहीं मिल पाई है। वैक्सीनेशन के लिए जब भी पंजीकरण करना होता है तो उन इलाकों के लोग पंजीकरण कर लेते हैं, जिनके पास इंटरनेट है।

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