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कुछ किस्से बिटिया के भी...बाबुल का घर छोड़ते ही खत्म हो जाते थे यह अधिकार, अब मिली खुशी

Fri, 01 Nov 2019 06:06 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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प्रतीकात्मक तस्वीर
जम्मू-कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेश बनने के साथ दूसरे राज्यों में ब्याही गईं जम्मू-कश्मीर की बेटियाें को शादी के बाद भी तमाम अधिकार मिल सकेंगे। बेटियों के नाम जारी होने वाले स्टेट सब्जेक्ट (स्थायी नागरिकता प्रमाण पत्र) में वैलिड टिल मैरिज लिखा जाता था। यानी बेटियों को दिया जाने वाला स्थायी नागरिकता प्रमाण पत्र सिर्फ शादी तक मान्य रहता था। जम्मू-कश्मीर से बाहर शादी होते ही बेटियों के नागरिकता समेत पैतृक संपत्ति के तमाम अधिकार खत्म हो जाते थे। केंद्र शासित प्रदेश (यूटी) बनने पर अब यह बेटियां फूली नहीं समा रहीं। उनका कहना है कि उन्हें अब दोयम दर्जे की नागरिकता से निजात मिली है। 
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
पंजाब के पठानकोट क्षेत्र में 1999 में शादी करने वाली रमा कुमारी (मौजूदा जम्मू में) का कहना है कि नई व्यवस्था से बेटियों को लाभ मिला है। दूसरे राज्यों में शादी के बाद अधिकार के लिहाज से उन्हें बेदखल कर दिया जाता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। वे अपने पैतृक स्थान पर भी सभी अधिकारों की हकदार बनी हैं।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
यह उन बेटियों के लिए सबसे सुखद समाचार है जिनके जीवन में कोई अनहोनी हुई और वे वापस पैतृक स्थल पर पहुंचकर अपने अधिकार नहीं पा सकी हैं। न्यायालय में ऐसे सैकड़ों मामले विचाराधीन हैं। पहले जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 35-ए लागू था जिसके तहत यहां की बेटियों की शादी दूसरे राज्य में होने से उन्हें नागरिकता खोनी पड़ती थी। लेकिन अब उन्हें जम्मू-कश्मीर में जमीन खरीदने, पैतृक संपत्ति पर हक रखने आदि अधिकार प्राप्त हुए हैं। 

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
नये जम्मू-कश्मीर में स्टेट सब्जेक्ट की अनिवार्यता और कानून दोनाें खत्म हो गए हैं। 2016 में राजस्थान में शादी करने वाली (मौजूदा सूरत में बसी) मृदुल वर्मा ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नई सुबह की शुरुआत होने से बेटियों के लिए खासतौर पर खुशी की बात है।

 
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प्रतीकात्मक तस्वीर
वह बेटी जो आधी उम्र मां बाप के पास गुजारती है, लेकिन जम्मू-कश्मीर के बाहर शादी करने पर उन्हें कोई अधिकार नहीं दिए जाते थे। वे भी जम्मू-कश्मीर में समान अधिकारों के लिए हकदार होंगी। जम्मू कश्मीर से बड़ी संख्या में बेटियों की हिमाचल, पंजाब सहित अन्य सीमावर्ती राज्यों में शादी हुई है। 
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