विजयादशमी यानी बुराई पर अच्छाई का प्रतीक दशहरा हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। जम्मू संभाग में सबसे बड़े स्तर पर परेड मैदान और दशहरा ग्राउंड गांधीनगर में दशानन रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतलों का भगवान श्रीराम ने दहन किया। हर ओर श्रीराम के जयघोष गूंज उठे। इस दौरान लोगों ने सच्चाई और अच्छाई की राह पर चलने का संकल्प लिया।
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- फोटो : Amar Ujala
जय श्रीराम, प्रभु राम की जय, हर हर महादेव के जयघोष। चारों ओर शोरगुल। जोश, उत्साह और खचाखच भीड़। तालियों की गड़गड़ाहट। मंगलवार को मंदिरों के शहर जम्मू के परेड मैदान पर विजय दशमी पर ऐसा ही नजारा था। मौका था प्रभु श्रीराम परिवार के पहुंचने का। मैदान पर स्थापित लंका को वानर सेना ने उजाड़ कर माता-सीता को बाहर लाया तो प्रभु श्रीराम ने दशहरा पर्व पर कुंभकरण, मेघनाद और रावण के पुतलों को दहन करके बुराई पर अच्छाई की जीत का संदेश दिया।
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जमीन से हवा में लगातार की जा रही आतिशबाजी से दशहरा पर्व की गूंज दूर-दूर तक सुनाई दे रही थी। दीवान मंदिर से शुरू हुई प्रभु श्रीराम की रथ यात्रा वानर सेना के साथ विभिन्न रूटों से होती हुई श्री रघुनाथ मंदिर पहुंची। यहां प्रभु श्रीराम के रथ को भक्तजन खींचते हुए परेड मैदान तक लाए।
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रथ यात्रा के मैदान पर पहुंचते ही लोगों में जोश और भर गया और चारों ओर प्रभु श्रीराम के जयघोष गूंजने लगे। मैदान पर तीन परिक्रमा लेने के बाद प्रभु श्रीराम के रथ की विधिपूर्वक पूजा की गई। इसके बाद वानर सेना ने लंका पर हमला बोल दिया। आखिर में श्रीराम भक्त हनुमान के नेतृत्व में वानर सेना लंका को दहन करके सीता मां को बाहर ले आई।
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इसके बाद प्रभु श्रीराम और लक्ष्मण ने रावण मेघनाद, कुंभकरण के पुतलों का दहन किया। इस दौरान मुख्य अतिथि उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह ने कहा कि उग्रवाद रूपी आतंकवाद को जड़ से खत्म करना है। भारतीय सेना ने प्रधानमंत्री के नेतृत्व में पाक को नया संदेश दिया है। आतंकवाद को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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पूजा में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सत शर्मा, राज्यसभा सदस्य शमशेर सिंह, विधायक राजेश गुप्ता, संस्कृति मंत्री प्रिया सेठी, रामेश्वर दास आदि शामिल हुए। दहन प्रक्रिया के बाद मैदान पर रावण के पुतलों की जली हुई लकड़ी लेने की भी होड़ रही। ऐसी मान्यता है कि इस लकड़ी को घर में रखने से सुख-समृद्धि का वास होता है और बुरी चीजों का प्रवेश नहीं होता है।
परेड ग्राउंड में पुतलों के दहन के दृश्यों को लोगों ने मोबाइल और कैमरों में कैद किया। लोगों ने पुतलों के सामने खड़े होकर कैमरों में अपनी फोटो खिंचवाईं। विजय दशमी पर परेड ग्राउंड में रंगबिरंगी आतिशबाजी आकर्षण का केंद्र रही। इस बार रावण के कमर के चारों ओर पहली बार आतिशबाजी से रोशनी के फव्वारे निकाले गए।