केंद्र सरकार ने कश्मीर में सुरक्षा बलों के जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की कार्य योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत अकेले सीआरपीएफ के लिए 856 बुलेट प्रूफ वाहन उपलब्ध कराए जाएंगे।
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गृह मंत्रालय
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घाटी में सीआरपीएफ के पास वर्तमान में 601 बुलेट प्रूफ वाहन हैं। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 355 नये बुलेट प्रूफ वाहनों की खरीद को मंजूरी दी है। इनमें 210 लाइट (हल्के) और 45 मिडियम बुलेट प्रूफ वाहन होंगे। 27 हजार नये बुलेट प्रूफ जैकेट की खरीद को भी मंजूरी दी गई है।
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crpf
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सीआरपीएफ से जुड़े सूत्रों के मुताबिक कश्मीर में तैनात जवानों के लिए पहले से 30,677 बुलेट प्रूफ जैकेट मौजूद हैं। जवानों को अब 27,412 नए बुलेट प्रूफ जैकेट दिए जाएंगे। वर्तमान में 292 हल्के और 309 मिडियम बुलेट प्रूफ वाहन उपलब्ध हैं।
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kashmir protest
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घाटी में पत्थरबाजों, उपद्रवियों और आतंकियों से निपटने का जिम्मा सीआरपीएफ के पास ही है। हिंसक प्रदर्शनों का सामना सीआरपीएफ करती रही है। आतंकी बुरहान वानी की मौत के बाद भड़की हिंसा और अशांति के क्रम में सुरक्षा बलों के 5000 जवान घायल हुए हैं।
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Terrorist
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आतंकी घटनाओं में सुरक्षा बलों को बड़ी कीमत चुकानी पड़ रही है। इस साल 27 नवंबर तक जम्मू-कश्मीर में 305 आतंकी घटनाएं हो चुकीं हैं। इन घटनाओं में सुरक्षा बलों के 71 जवान शहीद हो गए और 208 घायल हुए हैं।
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Terrorist
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आतंकी घटनाओं में 14 नागरिक भी मारे गए और 61 घायल हुए। सुरक्षा बलों ने इस दौरान 140 आतंकियों को ढेर किया और 76 को आत्मसमर्पण कराया। सीआरपीएफ सूत्रों ने बताया कि सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सुरक्षा बलों की चुनौतियां और बढ़ गईं हैं।
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kashmir
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इस साल आतंकी घटनाओं में इजाफा हुआ है। सीमा पर तनाव और आतंकी संगठनों की गतिविधियों के मद्देनजर आने वाले दिनों में चुनौतियां बढ़ सकती हैं। अलगाववादियों और उपद्रवियों ने फिर से हिंसा भड़काने की कोशिशें तेज की हैं।
इससे पहले 2013 में 170, 2014 में 222 और 2015 में 208 आतंकी घटनाएं हुईं थीं। पिछले तीन सालों में सुरक्षा बल के 139 जवान शहीद हुए थे। इस साल नवंबर तक ही 71 जवान शहीद हो चुके हैं।