फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जब जवान बने भगवानः मां की गुहार पर पहुंचाया खाना, एक पिता बोला- बच्चे को ओ-निगेटिव खून चाहिए

Mon, 06 Jan 2020 01:25 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
विज्ञापन
1 of 7
crpf madadgar photos kashmir - फोटो : सोशल मीडिया
भूस्खलन की वजह से बंद हुए जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पर फंसे महिला और तीन बच्चों तक खाना पहुंचाने के लिए सीआरपीएफ के जवान 12 किलोमीटर पैदल चले। महिला ने इसकी जानकारी अधिकारियों को ‘मददगार’ सहायता डेस्क पर फोन से दी थी। इसके साथ ही एक अन्य मामले में जहां एक बच्चे को ओ-निगेटव खून की जरूरत थी, सूचना मिलते ही जवानों ने बच्चे को खून दिलवाया। उक्त परिवार के परिजनों ने जवानों को शुभकामनाएं दी, साथ ही उनकी सलामती की दुआ भी मांगी।
विज्ञापन

2 of 7
crpf madadgar photos kashmir - फोटो : सोशल मीडिया
रामबन जिले के डिगडोल में भूस्खलन की वजह से सभी वाहनों की आवाजाही ठप थी। इसकी वजह से बड़ी संख्या में यात्री कई स्थानों पर फंसे हुए थे। सीआरपीएफ के अधिकारी ने बताया कि ‘मददगार’ पर आसिफा नाम की महिला ने सहायता के लिए कॉल की। इसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) ने सक्रियता दिखाते हुए कार्रवाई की। महिला अपने तीन बच्चों और परिवार के दो अन्य सदस्यों के साथ श्रीनगर से जम्मू जा रही थीं, लेकिन भारी भूस्खलन के कारण डिगडोल इलाके में फंस गई। इसकी जानकारी सीआरपीएफ ने ट्विटर से भी दी है।

 
विज्ञापन

3 of 7
सीआरपीएफ मददगार - फोटो : ट्विटर
इसमें कहा गया है कि भारी भूस्खलन के कारण एनएच-44 पर डिगडोल में घंटों से फंसे आसिफा और बच्चों समेत उनके परिवार को पानी, खाना और अन्य सामान उपलब्ध करवाया गया। इसके लिए 157वीं बटालियन के निरीक्षक रघुवीर के नेतृत्व में जवानों की टीम ने 12 किलोमीटर का सफर पैदल तय किया। खाना पहुंचाने के बाद आसिफा और उनके परिवार के लोगों ने सीआरपीएफ के जवानों का शुक्रिया अदा किया। सीआरपीएफ की मददगार हेल्प डेस्क जनवरी 2017 को शुरू हुई थी।

 

4 of 7
तैनात सीआरपीएफ के जवान - फोटो : अमर उजाला
बारामुला के बोनियार इलाके के रहने वाले पिता ने भी इस नंबर पर काल कर मदद मांगी थी। कहा था कि उसके नवजात बच्चे को ओ निगेटिव रक्त चढ़ाने की जरूरत है। जानकारी मिलते ही सीआरपीएफ कर्मी हरकत में आए। कुछ जवान ओ नेगेटिव रक्त लेकर जिला अस्पताल पहुंचे और नवजात को खून चढ़ाया गया था। बता दें कि अगर नेगेटिव ग्रुप वाले मरीज को पॉजिटिव ग्रुप का खून चढ़ाया जाए तो जानलेवा हो सकता है। इसीलिए ओ निगेटिव ब्लड ग्रुप वालों को यूनिवर्सल डोनर कहा जाता है।

 
विज्ञापन

5 of 7
सीआरपीएफ के जवान - फोटो : अमर उजाला
मददगार हेल्पलाइन पर 2700 फोन सुरक्षा बलों के परिवार की ओर से, 2448 कॉल कश्मीर से बाहर रह रहे लोगों ने अपने परिवार का हालचाल जानने के लिए की। 1752 कॉल्स गैर-कश्मीरियों ने कश्मीर के लोगों का हाल जानने के लिए की थी।



 
विज्ञापन

6 of 7
सीआरपीएफ के जवान
बिहार से ट्रेन में सफर कर रही लड़की ने फोन कर तीन लड़कों के छेड़छाड़ करने की शिकायत की। इसके बाद कश्मीर में स्थित कॉल सेंटर में सतर्क जवानों ने लड़की से पीएनआर संख्या ली और ट्रेन की स्थिति जांची। अगले स्टेशन पर आरपीएफ को सूचित कर तीनों लड़कों को गिरफ्तार करवाया गया।


 
विज्ञापन
विज्ञापन

‘मददगार’ से संपर्क करने के लिए इन नंबरों पर करें संपर्क

7 of 7
सीआरपीएफ के जवान
‘मददगार’ से संपर्क करने के लिए 9469793260 और 14111 पर कॉल कर सकते हैं। दोनों नंबरों पर राज्य के किसी भी हिस्से में रहने वाले या मुसीबत में फंसे लोग संपर्क कर सकते हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें