तीन दिन भारी बर्फबारी और बारिश के बाद मौसम का मिजाज बदलने के बीच रविवार शाम को जम्मू-श्रीनगर हाईवे पर रामबन के पास चलती गाड़ी पर चट्टान गिर जाने से लखनऊ निवासी सीआरपीएफ के डीआईजी ऑपरेशन श्रीनगर (उत्तर) शैलेंद्र विक्रम सिंह और उनके ड्राइवर विनय कुमार की मौत हो गई। वाहन में सवार पीएसओ गंभीर रूप से घायल है, जिसे उधमपुर के सैन्य अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मौके पर बचाव कार्य चलाकर सभी को मलबे से निकाला गया।
विज्ञापन
2 of 5
इसी गाड़ी में हुआ हादसा
- फोटो : अमर उजाला
यह दुर्घटना तब हुई, जब हाईवे पर फंसे वाहन निकालने की कोशिश हुई। कुछ गाड़ियों को निकाला गया तभी रामबन इलाके के डिगडोल (खूनी नाला) के पास अचानक पहाड़ों से पत्थर गिरने लगे। इसी बीच सीआरपीएफ वाहन (स्कार्पियो नंबर जेके01 एबी 4017) पूरी तरह मलबे में दब गया। सूचना पाकर पहुंची सेना, सीआरपीएफ तथा पुलिस ने ऑपरेशन चलाकर मलबे में दबे लोगों को निकाला। तब तक डीआईजी ऑपरेशन और उनके ड्राइवर की मौत हो गई। घायल पीएसओ उत्तरी कश्मीर के उड़ी निवासी मोहम्मद शरीफ खान का अस्पताल में इलाज चल रहा है। बाद में अचानक पत्थर गिरने का सिलसिला शुरू होते ही फिर से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई।
विज्ञापन
3 of 5
क्षतिग्रस्त वाहन
- फोटो : अमर उजाला
अंतिम समय में फ्लाइट से जाने का फैसला बदला
सूत्रों का कहना है कि डीआईजी इंटरनल सिक्योरिटी स्ट्रेटजी मैनेजमेंट पर माउंट आबू में चल रहे ट्रेनिंग कोर्स में गए हुए थे। रविवार को उन्हें जम्मू से फ्लाइट से लौटना था। इसके लिए उन्होंने बोर्डिंग पास तक निकाल लिया था। अंतत: उन्होंने सड़क मार्ग से चलने का फैसला किया।
4 of 5
हाईवे पर गिरा मलबा
- फोटो : अमर उजाला
दो अन्य डीआईजी बाल-बाल बचे
बताते हैं कि सीआरपीएफ के डीआईजी स्तर के तीन अधिकारी सड़क मार्ग से कश्मीर लौट रहे थे। पहाड़ों से जब पत्थर अचानक गिरना शुरू हुए तो उनके वाहन शैलेंद्र के वाहन से कुछ ही दूर थे। पत्थर गिरते देख उनके वाहन रोक लिए गए। इससे दोनों डीआईजी बाल-बाल बचे।
पत्नी संग डीआईजी शैलेंद्र विक्रम सिंह (फाइल)
- फोटो : अमर उजाला
कोबरा में भी रह चुके थे शैलेंद्र
1992 बैच के सीआरपीएफ अधिकारी शैलेंद्र विक्रम सिंह जंगलों में ऑपरेशन में दक्ष यूनिट कोबरा में भी सेवाएं दे चुके थे। उनके साथ उन्हें जांबाज तथा बहादुर अधिकारी के रूप में याद करते हैं जो हमेशा आगे रहकर आपरेशन का नेतृत्व करते रहे।