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जम्मू-कश्मीरः इंतजार खत्म, कोरोना पर वैक्सीन का वार, कर्मियों में खुशी की लहर

Sat, 16 Jan 2021 11:02 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू-कश्मीर में टीकाकरण - फोटो : अमर उजाला
पिछले दस माह से कोविड महामारी में विकट परिस्थितियों में अपने मरीजों की सेवा में जुटे फ्रंट लाइन चिकित्सा कर्मचारियों का शनिवार को लंबा इंतजार खत्म हुआ। जीएमसी जम्मू में सुबह 10 बजे उपराज्यपाल मनोज सिन्हा उद्घाटन समारोह से जुड़े।  इसके बाद अस्पताल की मेडिसिन ओपीडी में कर्मचारियों को वैक्सीन देने की प्रक्रिया शुरू की गई। उद्घाटन समारोह में जीएमसी के सभागार में करीब 15 फीट की स्क्रीन लगाई गईं। इससे पहले प्रदेश में पहले दिन के लिए 30 स्थानों की शिनाख्त की गई थी, जिसे अब बढ़ाकर 40 कर दिया गया है। उधर, लद्दाख के उपराज्यपाल आर के माथुर ने शनिवार को टीकाकरण अभियान के पहले चरण का उद्घाटन किया। इस दौरान अस्पताल के एक सफाई कर्मचारी को पहला टीका लगाया गया। बता दें कि लद्दाख में महामारी के प्रकोप से अब तक 128 मौतें और कुल 9,646 लोग संक्रमित पाए गए हैं। संक्रमण से अब तक 9,404 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि बाकी 114 का इलाज चल रहा है। 


 
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जम्मू-कश्मीर में टीकाकरण - फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कोरोनोवायरस के खिलाफ दुनिया की सबसे बड़ी मुहिम शुरू करने के कुछ ही समय बाद न्योमा ब्लॉक के स्किदमांग गांव के रहने वाले स्केलांग चोडोन को पहला टीका लगाया गया। अभियान के शुभारंभ के मौके पर उपराज्यपाल ने मेडिकल स्टाफ, आशा, आंगनवाड़ी और यूटी के सफ़ाई कर्माचारिओं को महामारी से निपटने में उनके निस्वार्थ प्रयासों और समर्पण के लिए सराहना की। उन्होंने लद्दाख में टीकाकरण अभियान के सफल आयोजन की आशा की। माथुर ने कहा, जैसा कि प्रधानमंत्री मोदी ने जोर दिया है कि टीकाकरण के बाद भी सभी को सुरक्षा सावधानियों का पालन करना चाहिए और वायरस मुक्त समाज को सुनिश्चित करने के लिए पूर्ण अनुशासन बनाए रखना चाहिए। 
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जम्मू-कश्मीर में टीकाकरण - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने कोरोनोवायरस टीकाकरण के बारे में फैलाई जा रही अफवाहों पर विश्वास नहीं करने और इसकी सुरक्षा पर वैज्ञानिकों, डॉक्टरों और नियामक अधिकारियों द्वारा दिए गए आश्वासन पर भरोसा करने की अपील की। जीएमसी में पहले दिन वैक्सीन लगवाने वाले सैनिटाइजर सुपरवाइजर राजू ने कहा ये हजारों चिकित्सा कर्मचारियों के खुशी की बात है कि उन्हें पहले चरण में कोविड वैक्सीन मिल रही है। वह भी शनिवार को वैक्सीन लेकर और ऊर्जा के साथ मरीजों की सेवा में जुट जाएंगे। उधर, श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज में भी टीकाकरण अभियान शुरू हुआ। श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के निदेशक डॉ ए.जी.अहंगर ने पहला टीका लगवाया। वहीं टीकाकरण कराने वाले कर्मी ने कहा कि मैं खुश हूँ। मैंने दूसरों को प्रोत्साहित करने के लिए टीका लगवाया है, जिससे कि दूसरों को भी वैक्सीन का लाभ मिल सके।

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जम्मू-कश्मीर में टीकाकरण - फोटो : अमर उजाला
राज्य टीकाकरण अधिकारी डॉ. काजी हारून ने बताया कि अब जम्मू और कश्मीर संभाग के 20-20 चिकित्सा केंद्रों पर पहले दिन टीकाकरण किया जाएगा। इसमें प्रत्येक केंद्र पर 100-100 कर्मियों को वैक्सीन दी जाएगी, यानी पहले दिन करीब 4000 कर्मियों को वैक्सीन की पहली डोज मिलेगी। इसके बाद सोमवार से सभी सीएचसी, शहरी और अन्य दूसरे चिकित्सा केंद्रों पर अभियान को नियमित रूप से चलाया जाएगा। इसमें सामान्य तौर पर बुधवार को टीकाकरण के दिन और रविवार को वैक्सीन नहीं होगी।
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जम्मू-कश्मीर में टीकाकरण - फोटो : अमर उजाला
जम्मू के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. जेपी सिंह ने बताया कि जिले में अब दो के बजाय चार स्थानों पर पहले दिन चिकित्सा कर्मियों को वैैक्सीन दी जाएगी। इसमें अब जीएमसी, उपजिला पीएचसी के अलावा उपजिला अस्पताल आरएस पुरा और शहर के प्रमुख जच्चा बच्चा एसएमजीएस अस्पताल में भी कर्मियों को वैक्सीन दी जाएगी।
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जम्मू-कश्मीर में टीकाकरण - फोटो : अमर उजाला
जम्मू संभाग के रियासी में जिला अस्पताल में फार्मासिस्ट अनिल कोहली ने पहला टीका लगवाया। उधमपुर जिले में पहला टीका सीएमओ डॉ. के सी डोगरा ने लगवाया। किश्तवाड़ में जिला उपायुक्त ने टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। इस दौरान पहला टीका डॉ. परवेज इकबाल वानी को लगाया गया। पटनीटॉप में पहला टीका आबिदा बानो को लगाया गया। डोडा में डीसी डॉ. सागर ने टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लगाया गया।

जम्मू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में टीकाकरण अभियान चल रहा है। इस दौरान एक सफाई कर्मचारी ने कहा कि महामारी के दौरान अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए हमें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। इतना ही नहीं छह से सात महीने तक मैं घर भी नहीं गया। 
 
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