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कोरोना को मात देने और लोगों की मदद करने में जुटे भारत माता के जांबाज बेटे, देखें ये तस्वीरें

Thu, 09 Apr 2020 02:57 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला
कोरोना वायरस को मात देने के लिए जम्मू-कश्मीर में सेना मुस्तैदी से जुटी हई है। वहीं सेना के जवान लॉकडाउन के कारण लोगों को पेश आने वाली दिक्कतों का हर संभव समाधान कर रहे हैं। ऐसे ही कई मामले सामने आए हैं, जिनमें सेना ने आनन-फानन में लोगों की मदद की है। ऐसा ही एक मामला जम्मू संभाग के राजोरी जिले का है। जहां सीआरपीएफ की ‘मददगार’ हेल्पलाइन ने एक युवक को उसके बीमार पिता से मुश्किल घड़ी में मुलाकात कराई।
 
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जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : अमर उजाला
जम्मू-कश्मीर के राजोरी का मूल निवासी आरिफ मुंबई में चौकीदारी करता है। लॉकडाउन के बीच उसके 60 वर्षीय पिता वजीर हुसैन को ब्रेन हैमरेज हो गया था। आरिफ ने इस घड़ी में पिता से मिलने के लिए किसी से साइकिल मांगी मुंबई से जम्मू के लिए चल पड़ा। सीआरपीएफ की कश्मीर आधारित मददगार हेल्पलाइन को इसका सूचना मिली तो सीआरपीएफ ने पिता-पुत्र की मदद के प्रयास शुरू कर दिए। राजोरी से वजीर हुसैन को एयरलिफ्ट किया गया जबकि आरिफ को वड़ोदरा में खोज निकाला गया।

 
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जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : भारतीय सेना
सीआरपीएफ ने अपने नेटवर्क का इस्तेमाल करते हुए आरिफ को राजस्थान के जोधपुर और लुधियाना के रास्ते ट्रक से पंजाब पहुंचाया। वहीं इसी दौरान उसके पिता वजीर हुसैन को जम्मू से चंडीगढ़ पीजीआई शिफ्ट कर दिया गया। आखिरकार पिता और पुत्र की सोमवार को मुलाकात हो गई।
 
 

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जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : भारतीय सेना
सीआरपीएफ ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर आरिफ की उसके पिता से मुलाकात की खबर साझा की है। सीआरपीएफ जम्मू-कश्मीर जोन के विशेष महानिदेशक जुल्फिकार हसन ने बताया कि जैसे ही आरिफ का पता चला तो उसे वडोदरा में रुकने को कहा गया। उसके पिता को मददगार हेल्पलाइन के जरिए ख्याल रखने का भरोसा दिया गया। इसके बावजूद आरिफ ने इस घड़ी में पिता के साथ रहने की जिद नहीं छोड़ी। रविवार को वजीर हुसैन के पीजीआई में टेस्ट करवाए गए। सोमवार को आरिफ की पिता से मुलाकात करवाई गई।

 
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जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : भारतीय सेना
वहीं, कश्मीर संभाग के अनंतनाग जिले में भारतीय सेना की ओर से स्क्रीनिंग टीम इलाके में लगा दी गई है। सेना की इस पहल की लोगों ने काफी सराहना की। कमांडिंग ऑफिसर कपिल सहगल ने कहा कि लोगों की हर संभव मदद के लिए सेना तैयार है। साथ ही उन्होंने लोगों से अपील की, कि वह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, सरकार की ओर से जारी सभी आदेशों को गंभीरता से लेते हुए कोरोना वायरस को हराने में मदद करें।

 
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जम्मू-कश्मीर में लॉकडाउन - फोटो : भारतीय सेना
उधर, श्रीनगर में संकट में फंसे कुछ परिवारों की सेना के पास कॉल आई कि उनके पास खाने के लिए जरूरी सामग्री भी नहीं है। यह कॉल सेना द्वारा स्थापित कोरोना हेल्पलाइन पर आई थी। परिवारों ने बताया कि वह लॉकडाउन के कारण कई दिनों से घर में ही हैं और उनके पास खाने के साथ अन्य जरूरी सामान भी नहीं है। सेना ने परिवारों का पता किया तो पाया कि वह बीपीएल श्रेणी में आते हैं और वास्तव में जरूरतमंद हैं। इस पर तुरंत सैन्य अधिकारियों ने राशन, दूध, बिस्कुट, मास्क और अन्य सामग्री उनको मुहैया करवाई। यह परिवार बारामुला के सालटंग और शीरी क्षेत्र के थे।
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