कोरोना वायरस लोगों की शारीरिक क्षमता के साथ दिमाग पर भी असर डाल रहा है। नकारात्मक खबरें सुनकर, सोशल मीडिया से उल्टी सीधी जानकारी पाकर, लॉकडाउन में रहकर लोगों के अंदर डर, घबराहट और चिंता जैसी परेशानियां बढ़ रही हैं। इन सबका इलाज बताया जीएमसी श्रीनगर में मनोविज्ञान के प्रोफेसर और मनोविज्ञान विशेषज्ञ डॉक्टर यासिर राथर ने। डॉक्टर का कहना है कि देश में डर और घबराहट की स्थिति है लेकिन इसकी जरूरत नहीं है। कुछ चीजों का ध्यान रखकर इससे बचा जा सकता है।
डॉक्टर यासिर ने कहा कि महामारी और कोरोना की दूसरी लहर से लोगों की मौतों ने डर, घबराहट, तनाव और चिंता जैसी स्थिति बनाई है। इससे लोगों की मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महामारी के इस दौर में जिस तरह लोग अपनी शारीरिक शक्ति को बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं, ठीक उसी तरह मानसिक शक्ति को भी बरकरार रखने की जरूरत है।