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कोरोना का असर: मौतों ने बनाई डर-घबराहट, तनाव और चिंता की स्थिति, ऐसे करें खुद का बचाव

Sat, 15 May 2021 08:37 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : iStock
कोरोना वायरस लोगों की शारीरिक क्षमता के साथ दिमाग पर भी असर डाल रहा है। नकारात्मक खबरें सुनकर, सोशल मीडिया से उल्टी सीधी जानकारी पाकर, लॉकडाउन में रहकर लोगों के अंदर डर, घबराहट और चिंता जैसी परेशानियां बढ़ रही हैं। इन सबका इलाज बताया जीएमसी श्रीनगर में मनोविज्ञान के प्रोफेसर और मनोविज्ञान विशेषज्ञ डॉक्टर यासिर राथर ने। डॉक्टर का कहना है कि देश में डर और घबराहट की स्थिति है लेकिन इसकी जरूरत नहीं है। कुछ चीजों का ध्यान रखकर इससे बचा जा सकता है।

डॉक्टर यासिर ने कहा कि महामारी और कोरोना की दूसरी लहर से लोगों की मौतों ने डर, घबराहट, तनाव और चिंता जैसी स्थिति बनाई है। इससे लोगों की मानसिक स्थिति पर भी असर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि महामारी के इस दौर में जिस तरह लोग अपनी शारीरिक शक्ति को बढ़ाने पर विचार कर रहे हैं, ठीक उसी तरह मानसिक शक्ति को भी बरकरार रखने की जरूरत है।
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जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर
उन्होंने कहा कि शासन और प्रशासन अपना काम कर रहे हैं, लोगों को इस लड़ाई में उनका साथ देना होगा। लॉकडाउन में रहकर लोगों में तनाव बढ़ रहा है। इससे उनका मानसिक स्वास्थ्य गड़बड़ा रहा है। ऐसे में लोगों को उन मुद्दों पर ध्यान नहीं देना चाहिए जो उनकी पहुंच से दूर हैं। यह उनकी मानसिकता बिगड़ने का मुख्य कारण है।
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जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर
डॉक्टर ने कहा कि ऐसे माहौल में घरों में रहते हुए लोगों को एक नई व्यवस्था और दिनचर्या बनानी होगी। उन्हें अपने रहने का तरीका बदलना होगा। ज्यादा से ज्यादा समय अपने परिवार और बच्चों के साथ बिताना होगा। अपनी रचनात्मक आदतों पर काम करना होगा और अपनों के कार्यों का हिस्सा बनना होगा। जो लोग घरों से बाहर हैं और अपने करीबियों को याद करते हैं तो वह ऑनलाइन उनसे जुड़ सकते हैं।

 

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जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर
व्यायाम करने की सलाह तो हर हाल में चिकित्सक देते ही हैं। डॉक्टर यासिर भी व्यायाम को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के पक्ष में हैं। वह कहते हैं कि शारीरिक व्यायाम और साधारण टहलना एंडोर्फिन हार्मोन बनाने में सहायक हैं। इससे मनुष्य का तनाव और दर्द दूर होता है। साथ में यह मूड को भी सही रखता है। अच्छी नींद और संतुलित आहार भी तनावमुक्त रहने के लिए अतिआवश्यक है।
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जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस - फोटो : बासित जरगर
कहा कि कोरोना से संबंधित खबरें आपके दिमाग पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं। इसलिए, इधर-उधर से जानकारी लेने की बजाय सरकारी वेबसाइट और विश्व स्वास्थ्य संगठन पर भरोसा रखें। डॉ यासिर ने युवाओं से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर नकारात्मक संदेशों को फैलाने से बचें।.
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