कोरोना से जूझने वाले लोगों के दर्द को साइबर अपराधी और बढ़ा रहे हैं। जरूरतमंदों को ऑक्सीजन सिलिंडर, ऑक्सीजन कंसंटेटर समेत अन्य जरूरी चीजें दिलाने के नाम पर पीड़ितों को चूना लगाया जा रहा है। ऐसे कई मामले साइबर पुलिस जम्मू के पास पहुंचे हैं। यही नहीं, पतंजलि का स्टोर, पेट्रोल पंप, ऑनलाइन ऑटोमोबाइल डीलरशिप और सीमेंट डीलरशिप दिलाने के नाम पर भी लोगों को चूना लगाया जा रहा है। लिहाजा इससे बचने के लिए साइबर पुलिस ने अलर्ट जारी किया है। पुलिस ने कहा कि ऐसे किसी भी ई-मेल, मोबाइल फोन कॉल या फिर एसएमएस का जवाब न दें। किसी भी तरह का कोई लिंक आए तो नजदीक के पुलिस स्टेशन में इसकी जानकारी दें। साइबर पुलिस के एसएसपी नरेश शर्मा का कहना है कि ऐसा होने पर तुरंत पुलिस को जानकारी दें। अपनी कोई जानकारी सोशल मीडिया पर साझा न करें।
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साइबर क्राइम (सांकेतिक तस्वीर)
- फोटो : अमर उजाला
कोरोना पीड़ितों को ऐसे बना रहे शिकार
साइबर अपराधियों का एक गिरोह सोशल मीडिया पर सक्रिय है। जो सोशल मीडिया पर पीड़ितों की पोस्ट पर नजर रखता है। इसके बाद यह लोग पीड़ितों की पोस्ट पर जवाब देते हैं और साथ ही अपना संपर्क नंबर भी जारी करते हैं।
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cyber crime pexels
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पीड़ितों को यकीन दिलाने के लिए फर्जी एजेंसी का नाम, पता, बैंक खातों की जानकारी आदि साझा करते हैं।
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bank fraud
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इसके बाद एडवांस या फुल पेमेंट के लिए कहा जाता है। जब एक बार पैसा आ जाए तो मोबाइल नंबर बदल देते हैं या फिर फोन ही बंद कर देते हैं।
कैसे करें बचाव
ऐसी किसी भी डील को अंजाम देने से पहले पूरी जानकारी प्राप्त करें और नजर रखें। सोशल मीडिया पर अपना मोबाइल नंबर साझा न करें। ऐसी कोई जानकारी होने पर पुलिस को जरूर सूचित करें।