जम्मू-कश्मीर में अनुच्छेद 370 हटने पर विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों ने जश्न मनाया। वक्ताओं ने कहा कि नए जम्मू-कश्मीर की शुरुआत हुई है। अलगाववाद और आतंकवाद को जवाब दिया गया है। जम्मू-कश्मीर भारत का अटूट अंग है और हमेशा रहेगा।
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अनुच्छेद 370 हटने पर जश्न मनाते लोग
- फोटो : अमर उजाला
भाजपा के पूर्व विधायक राजेश गुप्ता ने जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने पर पार्टी समर्थकों के साथ जश्न मनाया। इस दौरान पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी बाजपेयी, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चित्र पकड़कर उनके समर्थन में नारे लगाए। पार्टी कार्यकर्ता ढोल की थाप पर झूमते रहे।
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अनुच्छेद 370 हटने पर जश्न मनाते लोग
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राजेश गुप्ता ने कहा कि कई दशक बाद जम्मू-कश्मीर को आज न्याय मिला है। इससे राज्य में विकास का रास्ते खुलेंगे और राजनीतिक वंशवाद खत्म हुआ है। उन्होंने कहा कि नए उद्योग खुलने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के साधन बढ़ेंगे। रिफ्यूजियों को नागरिकता के अधिकार मिले हैं। जम्मू-कश्मीर में विकास को नई गति मिलेगी।
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इस बीच जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने पर मंगलवार को गोरखा नगर में भी जश्न की धूम रही। क्षेत्रवासियों ने रंग खेलकर एक दूसरे को मुबारकबाद दी। ढोल की थाप पर समुदाय के लोग झूमते रहे। वक्ताओं ने कहा कि जम्मू-कश्मीर का अब देश के साथ पूरी तरह से विलय हुआ है। डोगरा फ्रंट शिव सेना ने अनुच्छेद 370 समाप्त होने पर रानी पार्क में जश्न मनाया।
फ्रंट के अध्यक्ष अशोक गुप्ता ने कहा कि राज्य को आजादी मिली है। पहली आजादी 15 अगस्त 1947 को मिली थी। राज्य के लोगों के लिए यह हर्ष की बात है। केंद्र सरकार ने राज्य को केंद्र शासित प्रदेश बना दिया है। जश्न में सदस्यों ने तिरंगा फहराया। लोगों ने देशभक्ति के गानों पर नृत्य किया। राज्य में एक विधान, एक निशान, एक संविधान हो गया है। उन्होंने कहा कि 1965 और 1970 में आए रिफ्यूजियों को अधिकार मिल सकेंगे। कस्टोडियन विभाग समाप्त होगा। सफाई कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।