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पाकिस्तानी ड्रोन में चीन की चाल, उर्दू वाला कोड खोलेगा कई राज, एक अहम बात ये भी है

Sun, 21 Jun 2020 11:00 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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पाकिस्तानी ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा पर शनिवार को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने आतंक की बड़ी साजिश का भंडाफोड़ किया है। बीएसएफ ने पाकिस्तान की ओर से भेजे गए चीन निर्मित ड्रोन को मार गिराया। ड्रोन के जरिये भारतीय सीमा में भेजी जा रही हथियारों की खेप भी बरामद की गई है। बरामद हथियारों में अमेरिका निर्मित एक एम4 सेमी ऑटोमैटिक कारबाइन, चीन निर्मित सात ग्रेनेड, गोलियों से भरी दो मैगजीन, 5.56 एमएम की साठ गोलियां शामिल हैं।
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पाकिस्तानी ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
इस बरामदगी से एलएसी पर साजिश रच रहे चीन का अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तान की ओर से भारतीय सीमा में भेजे जा रहे हथियारों की खेप में भी हाथ सामने आया है। प्रदेश की सीमा में ड्रोन से हथियार भेजने का पहला मामला सामने आया है। इससे पहले पंजाब में ड्रोन से हथियार गिराने का मामला सामने आ चुका है।

 
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पाकिस्तानी ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
बीएसएफ के खुफिया तंत्र को पिछले कई दिन से पाकिस्तान द्वारा भारतीय सीमा में ड्रोन के माध्यम से हथियारों की खेप भेजे जाने की सूचना मिल रही थी। इसके आधार पर बीएसएफ लगातार पेट्रोलिंग कर रही थी। शनिवार सुबह करीब सवा पांच बजे हीरानगर सेक्टर के रठुआ गांव के समीप सीमा में करीब दो सौ मीटर अंदर और डेढ़ सौ मीटर की ऊंचाई पर उड़ रहे हेक्साकॉप्टर ड्रोन को देखते ही पेट्रोलिंग पार्टी ने गोलियां दाग कर उसे खेत में गिरा दिया। जांच-पड़ताल में उसमें से हथियार बरामद किए गए।

 

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पाकिस्तानी ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
बीएसएफ के आईजी नरेंद्र सिंह जमवाल ने बताया कि जिले के बीएसएफ की पानसर चौकी में सुबह करीब सवा पांच बजे पेट्रोलिंग पार्टी को पाकिस्तान की ठाकुरपुरा पोस्ट, नरोवाल शकरगढ़ से हेक्साकॉप्टर आता दिखा। सीमा में घुसने पर पेट्रोलिंग पार्टी ने उसे मार गिराया। इसके अधिकतर पुर्जे चीन में बने थे। ड्रोन में विंच सिस्टम लगा था, जिसे सामान को उतारने के मैकेनिज्म के तौर इस्तेमाल किया जाता है। इससे उतारने वाला आदमी डिस्कनेक्ट कर उतार लेता और बाद में हेक्साकॉप्टर पाकिस्तानी सीमा में लौट जाता।

 
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पाकिस्तानी ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
बीएसएफ ने बताया कि हथियारों का मिलना स्पष्ट संकेत दे रहा है कि इन्हें आतंकियों की मदद के लिए भेजा जा रहा था। ड्रोन पर उर्दू में लिखे कोड को सुरक्षा एजेंसियां डिकोड कर रही हैं। जानकारी मिलते ही बीएसएफ और कठुआ पुलिस के उच्चाधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छानबीन की। वहीं सुरक्षाबलों ने छाप नाले, रठुआ, पानसर के इलाके में घंटों सघन तलाशी अभियान भी चलाया।

 
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पाकिस्तानी ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
बीएसएफ के आईजी ने बताया कि जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। इसमें कई और भी खुलासे होंगे। जिस तरह से यह ड्रोन ऑपरेट किया गया, उससे साफ है कि इसके एक से डेढ़ किलोमीटर में कोई आतंकी या ओजीडब्लू बैठा था। यह एक नई तरह का खतरा है, जो लगातार पिछले एक साल से सामने आ रहा है। पंजाब में कई ऐसे मामले सामने आने के बाद सभी एजेंसियों ने सतर्क किया हुआ था। सीमा पर सतर्कता और बढ़ाई जाएगी।
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पाकिस्तानी ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
चीन निर्मित 17.5 किलो वजन के हेक्साकॉप्टर के जरिये हथियारों की खेप को जम्मू-कश्मीर में किसी बड़ी आतंकी वारदात के लिए भेजा जा रहा था। हेक्साकॉप्टर करीब आठ फुट चौड़ा था। इसे अधिक देर और दूरी तक उड़ाने के लिए 22 हजार एमएएच क्षमता की चार बैटरियां लगी थीं। बीएसएफ के अधिकारियों के अनुसार संभवत: हीरानगर के पानसर पोस्ट के विपरीत पाकिस्तानी पोस्ट से इसे ऑपरेट किया जा रहा था क्योंकि इसमें एक रेडियो सिग्नल रिसीवर और दो जीपीएस भी लगे थे। ड्रोन कैमरा ऑपरेटेड नहीं पाया गया है। ऐसे में सुरक्षा एजेंसियां जीपीएस कोआर्डिनेट्स को खंगालने के लिए आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों पर कड़ी नजर रख रही हैं।

 
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पाकिस्तानी ड्रोन - फोटो : अमर उजाला
पंजाब से पानसर के रास्ते हीरानगर सेक्टर के रठुआ के नजदीक पहुंचे दो लोगों को पुलिस ने शनिवार दोपहर हिरासत में ले लिया। दोनों से पूछताछ की जा रही है। अतिरिक्त जिला पुलिस प्रमुख रमनीश गुप्ता ने बताया कि रठुआ इलाके में सघन तलाशी अभियान जारी है। संदिग्धों पर नजर रखी जा रही है। इसी बीच दो लोग ऐसे पाए गए, जो पंजाब से इस क्षेत्र में पहुंचे थे। फिलहाल, दोनों यहां आने का कारण नहीं बता पाए हैं। दोनों से पूछताछ जारी है।
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