देश की सुरक्षा करते हुए शहीद होने वाले जांबाज बीएसएफ कर्मियों को शहीदी दिवस पर याद किया गया। शहीदों के परिवार वालों को भव्य समारोह में सम्मानित किया गया।
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जब सम्मान लेते आंख से छलक पड़े ममता के आंसू
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परिवार के लोगों को अपने जांबाज पर गर्व तो था, लेकिन सम्मान लेने के दौरान मंच पर ही उन लोगों की आंखें छलक आईं, जिनके बेटे, पति, पिता या भाई राष्ट्र की सेवा करते हुए उनसे बिछड़ गए थे।
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जब सम्मान लेते आंख से छलक पड़े ममता के आंसू
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पलौड़ा स्थित बीएसएफ कैंप में शहीदों को श्रद्धांजलि देने पहुंचे उपमुख्यमंत्री डा. निर्मल सिंह भी शहीद परिवारों के आंसू देख भावुक हो गए। उपमुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं भी उस परिवार से जुड़ा हूं, जिसमें कई लोग देश की सेवा में शहीद हुए हैं।
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मैं आपका दर्द समझता हूं, लेकिन आपके बेटे, पति या बच्चों के पिता ने जो काम किया है, वह विरला ही कर पाता है। उन पर उनके परिवार को ही नहीं, पूरे राष्ट्र को गर्व है।’
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि यह खुशी की बात है कि बीएसएफ अपने शहीदों के परिवारों का पूरा ख्याल रख रही है और उन्हें अकेलापन महसूस नहीं होने देती।
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उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी जानते हैं कि युद्ध किसी के हित में नहीं है। दोनों ओर के लोग मारे जाते हैं। पाकिस्तान से भले ही हमने दोस्ती का हाथ बढ़ाया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम कमजोर हैं।