Srinagar
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जम्मू-कश्मीर एक्स सर्विस लीग के पूर्व प्रधान मेजर जनरल गोवर्धन सिंह जम्वाल ने बताया कि महावीर चक्र विजेता ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह ने अपने सत्तर सैनिकों के साथ वीरगति पाई थी। उन्हें उस समय का सबसे सर्वोच्च सम्मान महावीर चक्र दिया गया। इधर 26 अक्तूबर 1947 की रात को ब्रिगेडियर राजेंद्र सिंह शहीद हुए, उधर अगले दिन सुबह पांच बजे सेना की एक सिख बटालियन की दो कंपनियां वायुसेना के विमान से लेफ्टिनेंट कर्नल दीवान रंजीत के नेतृत्व में श्रीनगर पहुंच गईं।