कश्मीर घाटी की फिजा बदल रही है। आतंकवाद के चरम के दौर में बंद हो चुके मंदिरों के ताले खुलने लगे हैं। झेलम नदी के किनारे स्थित प्राचीन शीतलेश्वर भैरव मंदिर में 31 वर्षों के बाद बसंत पंचमी पर मंगलवार को मंदिर की घंटियां गूंज उठीं। मंदिर परिसर में हवन कुंड एक बार फिर प्रज्जवलित हुआ। अनुच्छेद 370 खत्म होने और केंद्र शासित प्रदेश बनने के बाद पहली बार सनातन धर्म शीतलनाथ आश्रम सभा ने मंदिर में कार्यक्रम आयोजित किया।