जम्मू-कश्मीर में बनिहाल में पुलवामा जैसी साजिश पुलवामा से भी बड़ी थी। जिस कार को आतंकी ने सीआरपीएफ के काफिले के साथ टकराया। उसमें तीन आईईडी लगा रखी थी। इसके अलावा अन्य बिस्फोटक सामग्री भी थी।
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बनिहाल ब्लास्ट
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
सभी आईईडी और विस्फोटक सामग्री इस तरह से फिट की गई थी कि एक धमाका होने के बाद यह सीरियल ब्लास्ट की तरह फटनी थी। ताकि अधिक से अधिक नुकसान पहुंचाया जा सके।
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बनिहाल ब्लास्ट
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
यूं कह लें कि यह हमला पुलवामा से भी बड़ा हमला होना था। डीजीपी दिलबाग सिंह का कहना है कि यह बहुत बड़ी साजिश थी। जिसे संयोग कह लें कि कामयाबी नहीं मिली। इस हमले में कहीं न कहीं एक बड़ी चूक जरूर है।
सूत्रों का कहना है कि जिस रूट से सीआरपीएफ वाहनों का काफिला गुजर रहा था। वहां पर रास्ते में भी आईईडी लगाई गई थी।
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इनसेट में बनिहाल हमले के बाद मिला पत्र
- फोटो : फाइल, अमर उजाला
जानबूझ कर जम्मू संभाग का क्षेत्र चुना
जवाहर टनल क्रास करते ही जम्मू संभाग का क्षेत्र शुरू हो जाता है। जवाहर टनल के बाद जम्मू की तरफ वाहनों की मूवमेंट कश्मीर की तुलना में बढ़ जाती है। ऐसे में हाईवे पर सभी तरह के वाहनों को नहीं रोका जा सकता। बेशक सीआरपीएफ काफिलों और अन्य सुरक्षाबलों के काफिलों की कानवाय के दौरान आम वाहनों की मूवमेंट पर रोक है। इस पर अमल भी हो रहा है, लेकिन सबको हवाई सेवा से आना ले जाना संभव नहीं। शायद आतंकी ने जानबूझ कर बनिहाल का क्षेत्र चुना है। क्योंकि उसे मालूम था कि यहां टारगेट आसान है।
स्टडी ग्रुप करेगा जांच
नेशनल हाईवे पर इस तरह के हमलों की जांच करने के लिए एक स्टडी ग्रुप तैयार किया गया है। यह स्टडी ग्रुप मंगलवार को बनिहाल भी पहुंचेगा। यहां पूरे घटनाक्रम को स्टडी किया जाएगा। ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। स्टडी ग्रुप इस पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार करेगा।