जम्मू-कश्मीर के उड़ी सेक्टर में 12 अगस्त को शहीद हुए उत्तराखंड के लाल लांसनायक प्रदीप सिंह रावत के घर दो महीने बाद गम के माहौल में खुशियां लौट आई है। जिस वक्त प्रदीप शहीद हुए थे उनकी पत्नी गर्भवती थी। उनकी पत्नी नीलम रावत ने बेटी को जन्म दिया है। वह इस वक्त एम्स ऋषिकेश के भर्ती हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
लाल लांसनायक प्रदीप सिंह रावत जम्मू-कश्मीर के बारामुला में एलओसी पर तैनात थे। 12 अगस्त 2018 को हुए एक विस्फोट में वह गंभीर रूप से घायल हुए थे। जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। उनकी नियुक्ति चार गढ़वाल राइफल में साल 2010 में हुई थी।
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शहीद जवान के पिता कुवर सिंह रावत भी सेना से रिटायर हुए हैं। वह इस वक्त एम्स ऋषिकेश में क्लर्क के पद पर तैनात हैं। शहीद प्रदीप की तीन बहने भी हैं। बड़ी बहन की शादी हो चुकी है और दो छोटी बहने अभी पढ़ाई कर रही हैं।
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शहीद जवान प्रदीप की शादी एक साल पहले जनवरी 2017 में हुई थी। जिस वक्त वह उड़ी सेक्टर में शहीद हुए उनकी पत्नी गर्भवती थी। 30 अक्टूबर को उनकी पत्नी नीलम रावत ने बेटी को एम्स ऋषिकेश में जन्म दिया है।
शहीद की मां उषा देवी ने कहा कि मेरे लाल ने अपनी भारत मां के लिए अपनी जान गवाई है। बेटे के जाने का गम तो है मगर हमे उसपर गर्व भी है। आज उनका अंश इस दुनिया में आया है जिससे परिवार में एक बार फिर से रौनक लौटी है। उन्होंने कहा कि अपनी पातीं को भी मैं सेना में देश सेवा के लिए भेजूंगी।