बाबा अमरनाथ की पवित्र गुफा हिम आच्छादित पर्वतों के मध्य समुद्र तल से 12729 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। यह शिवलिंग अमावस्या से पूर्णिमा तक बढ़कर पूर्ण होता है और फिर घटना प्रारंभ कर देता है। शिवलिंग अमावस्या को भी रहता है। पर्वतों के मध्य 60 फीट लंबी, 30 फीट चौड़ी और 15 फीट ऊंची प्रकृति निर्मित गुफा है। इसी गुफा में बर्फ द्वारा निर्मित प्राकृतिक पीठ पर हिम निर्मित शिवलिंग हैं।
कश्मीर के पहलगाम से अधिकांश यात्री प्राकृतिक नजारों का लुत्फ लेते हुए पवित्र गुफा तक पहुंचते हैं। यहां से पवित्र गुफा 46 किमी दूर है। श्री अमरनाथ गुफा श्रीनगर से 142 किमी दूरी पर स्थित है। श्रीनगर से पहलगाम का यात्रा मार्ग 96 किमी बस या अन्य निजी वाहनों से तय किया जाता है। शेष 46 किमी का मार्ग घोड़ों आदि से अथवा पैदल तय किया जाता है।
यात्रा मार्ग पर सबसे पहला आधार शिविर पहलगाम है। अठखेलियां करती लिद्दर नदी के किनारे यह छोटा सा कसबा है। यह समुद्र तल से 7200 फीट ऊंचाई पर स्थित है। पहलगाम अपनी सुंदरता के लिए विश्व में प्रसिद्ध है।
पहलगाम से लिद्दर नदी किनारे से आगे बढ़ते हुए चंदनबाड़ी पहुंचा जाता है। यह समुद्र तल से लगभग 8500 फीट ऊंचाई, पहाड़ी नदियों के संगम पर छोटी सी एक घाटी है। यह यात्रा का प्रथम चरण है। पिस्सू घाटी तक कठिन चढ़ाई का मार्ग आगे है। इसी तरह चंदनबाड़ी से आगे 13 किमी दूर अगला पड़ाव शेषनाग है। यह समुद्र तल से 11330 फीट ऊंचाई पर है।
शेषनाग झील के निर्मल जल में स्नान कर रास्ते की सारी थकावट दूर हो जाती है। यहां स्नान करने से गंगा स्नान के समान फल मिलता है। शेषनाग से 13 किमी आगे बढ़कर पंचतरणी पहुंचा जाता है। यह समुद्रतल से 12000 फीट ऊंचा है। शेषनाग से आगे हिमाच्छादित मार्ग है। पंचतरणी से श्री अमरनाथ गुफा की दूरी केवल 6 किमी है।