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नियंत्रण रेखा पर हिमस्खलन की वो भयानक रात, जिंदा बचे पोर्टर ने सुनाई बर्फ से लड़ी दास्तान-ए-जंग

Thu, 09 Jan 2020 11:33 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
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हिमस्खलन - फोटो : अमर उजाला
नियंत्रण रेखा पर हिमस्खलन की चपेट में आने से मारे गए सेना के पोर्टर के शव का पोस्टमार्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया। बुधवार को उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। मंगलवार रात शाहपुर सेक्टर में स्थित सेना की शंख एवं डोडा चौकियों के बीच हिमस्खलन होने से सेना के चार पोर्टर दब गए थे। इसमें सेना ने तुरंत अभियान चलाकर तीन को सैन्य अस्पताल पहुंचाया था। उनका उपचार जारी है।
 
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हिमस्खलन
चौथे पोर्टर जफर इकबाल निवासी गांव छेलाडांगरी तहसील मंडी की मौत हो गई थी। हिमस्खलन की चपेट में आए जहांगीर हुसैन निवासी छेलाडांगरी ने बताया कि अगर समय पर सेना बचाव कार्य शुरू नहीं करती तो तीनों भी जिंदा नहीं बचते।

 
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avalancheहिमस्खलन - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने बताया कि मंगलवार देर शाम चारों साथी अग्रिम चौकी पर ड्यूटी के बाद घर लौट रहे थे। क्षेत्र में सुबह से बर्फबारी हो रही थी। जैसे ही शंख और डोडा चौकियों के बीच पहुंचे तो हिमस्खलन शुरू हो गया।

 

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हिमस्खलन
सभी ने भागने की काफी कोशिश की लेकिन कुछ नहीं कर पाया। सबसे पहले जफर इकबाल बर्फ के बीच दब गया। उसके बाद एक-एक करके दबते गए। जहांगीर ने बताया कि उन्होंने मुश्किल से पहले अपना हाथ बर्फ से बाहर निकाला।
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हिमस्खलन
इसके बाद धीरे-धीरे चेहरा बाहर किया और हाथ उठाकर मदद के लिए चिल्लाने लगा। तभी सेना के जवान एवं अधिकारी दौड़ कर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कर दिया। कड़े प्रयासों के बाद देर रात तक हम लोगों को बर्फ से निकाला लेकिन तब तक जफर की मौत हो गई। सेना ने रात को ही अस्पताल में भर्ती कराया और बुधवार को छुट्टी दे दी।   
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